नवनिर्मित पुल में दरार

Image caption ये पुल यमुना नदी पर बना हुआ है.

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के गृह जनपद बांदा में यमुना नदी पर बने नवनिर्मित पुल में एक खरनाक दरार आ गयी है, जिसके चलते पुल पर यातायात बंद कर दिया गया है.

सिद्दीकी ने दो हफ्ते पहले ही पुल का लोकार्पण किया था. इस पुल पर लगभग साढ़े छः सौ करोड रुपये की लागत आयी है.

घटनास्थल का निरीक्षण कर लौटे एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पुल पर लगभग आधा मीटर चौड़ाई और एक मीटर लम्बाई का एक छिद्र हो गया है.

बांदा से विपक्षी कांग्रेस पार्टी के विधायक विवेक कुमार सिंह नैतिकता के आधार पर लोक निर्माण मंत्री सिद्दीकी के त्यागपत्र की मांग की है.

सिंह ने मुख्यमंत्री मायावती को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय माँगा है ताकि वह उन्हें पुल के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की जानकारी दे सकें.

उनका कहना है कि इससे पहले बांदा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज की छत गिर गयी थी, जिसमे कई मजदूर घायल हो गए थे.

बांदा- कालिंजर मार्ग की सड़क के निर्माण में भी तमाम शिकायतें हैं.

केवल बांदा की बात नही है. यहाँ सत्ता के गलियारों में यह आम चर्चा है कि निर्माण कार्यों में 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन दी जा रही है. यह भी चर्चा आम है कि कमीशन सीधे सत्ता के शिखर तक जाता है.

यमुना पुल में छेद की खबर आने के बाद सरकार ने बांदा के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति बना दी है. एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि तीन सदस्यीय समिति दो दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट दे देगी.

लेकिन जानकारों का कहना है कि यह जांच केवल दिखावा है. लोक निर्माण मंत्री सिद्दीकी मुख्यमंत्री के सबसे करीबी मंत्री हैं. उनके पास करीब डेढ़ दर्जन महत्वपूर्ण विभाग हैं. पार्टी संगठन में भी वह राष्ट्रीय महासचिव हैं. कोई अफसर इतने ताकतवर मंत्री के खिलाफ कोई रिपोर्ट नही दे सकता.

यदि मुख्यमंत्री चाहें तभी उनके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है.

सिद्दीकी से बात करने के लिए बीबीसी ने उनके दफ्तर और घर फोन किया गया, लेकिन बात नही हो सकी.

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