विकीलीक्स की वेबसाइट फिर से शुरु

विकीलीक्स

अमरीका से जुड़ी लाखों विवादित जानकारियाँ देने वाली विकीलीक्स की वेबसाइट कुछ घंटे तक बंद रहने के बाद एक बार फिर शुरु हो गई है.

जो कंपनी विकीलीक्स को डोमेन सेवाएं दे रही थीं उसने अपने ढाँचे को ख़तरे का हवाला देते हुए विकीलीक्स की साइट को बंद कर दिया था.

अब विकीलीक्स ने स्विट्ज़रलैंड में एक नई डोमेन कंपनी के साथ अपनी वेबसाइट शुरु कर दी है.

इससे पहले विकीलीक्स की सेवाएँ ख़त्म करने वाली कंपनी एवरीडीएनएस डॉट नेट (everyDNS.net) ने कह था कि चूंकि इस वेबसाइट को इसलिए बंद करना पड़ा क्योंकि इस पर व्यापक रुप से साइबर हमले हो रहे थे.

कंपनी का तर्क था कि इन हमलों की वजह से उनके पूरे इंफ़्रास्ट्रक्चर या ढाँचे को ख़तरा पैदा हो गया था और इसकी वहज से उन हज़ारों वेबसाइटों को ख़तरा पैदा हो गया था जो उसका डोमेन इस कंपनी के पास था.

विकीलीक्स का कहना है कि जिस दिन से उन्होंने अमरीका के कूटनीतिक मामलों के दस्तावेज़ प्रकाशित करना शुरु किया उसी दिन से ही उनकी गतिविधियों को बाधित करने की कोशिशें हो रही थीं.

उल्लेखनीय है कि इन दस्तावेज़ों के प्रकाशन से दुनिया भर के देशों के बारे में अमरीकी राजनयिकों की राय ज़ाहिर हो गई है और इससे दुनिया भर में अमरीका की ख़ासी फ़ज़ीहत हुई है.

'मार दिया गया'

ट्विटर पर दिए गए अपने संदेश में विकीलीक्स ने कहा था कि उनका डोमेन नेम को 'मार दिया गया है'.

दूसरी ओर एवरीडीएनएस डॉट नेट ने कहा था उन्होंने विकीलीक्स को वेबसाइट बंद करने के लिए 24 घंटों का नोटिस दिया था, यह समय सीमा दो दिसंबर को भारतीय समय के अनुसार साढ़े आठ बजे ख़त्म हो गई.

कंपनी ने कहा था, "विकीलीक्स की वजह से जो साइबर हमले हो रहे थे उसकी वजह से इस डोमेन पर काम कर रही 50 हज़ार दूसरी कंपनियों का स्थायित्व ख़तरे में था."

उनका कहना है, "साइबर हमलों की वजह से यदि विकीलीक्स की साइट बंद हो जाती थी तो इसका असर दूसरी वेबसाइटों पर भी हो रहा था."

इसके बाद विकीलीक्स ने किताबों का ऑनलाइन व्यावसाय करने वाली कंपनी अमेज़न से समझौता किया था कि वे विकीलीक्स को चलाने दें लेकिन बाद में अमेज़न ने भी इस क़रार से अपने हाथ खींच लिए. अमेज़न के इस क़दम का अमरीका ने स्वागत किया है.

इसके बाद विकीलीक्स ने संकेत दिए थे कि वे यूरोप में नए डोमेन सर्वर की तलाश कर रहे हैं.

विकीलीक्स

Image caption जूलियन असांज ने यह वेबसाइट शुरु की है और इसमें दुनिया के कई पत्रकार उनकी सहायता करते हैं

विकीलीक्स एक ऐसी वेबसाइट है जो देशों, सरकारों और उनकी नीतियों के बारे में ऐसी महत्वपूर्ण खुफ़िया जानकारियों इंटरनेट पर उपलब्ध कराती है जो आम तौर पर लोगों को उपलब्ध नहीं होती हैं.

विकीलीक्स कुछ महीने पहले तब चर्चा में आई जब उसने अफ़ग़ान वॉर डायरी के नाम से 90 हज़ार अमरीकी सैन्य दस्तावेज़ सार्वजनिक किए.

इनमें अमरीका के सैन्य अभियानों और अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान में गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी थी.

विकीलीक्स्स उस वक़्त से विवादों में घिरा जब ये पहली बार दिसंबर 2006 में इंटरनेट पर दिखाई पड़ा.

वेबसाइट का दावा था कि उसके पास लाखों गुप्त दस्तावेज़ हैं और पिछले कुछ दिनों से विकीलीक्स में नए दस्तावेज़ प्रकाशित किए जा रहे हैं.

ये दस्तावेज़ मुख्यरुप से वे संदेश हैं जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में स्थित अमरीकी दूतावासों से वॉशिंगटन को भेजे गए हैं.

इन दस्तावेज़ों से अमरीकी राजनयिकों की विभिन्न देशों के बारे में राय ज़ाहिर हुई हैं.

अमरीका और कई अन्य देशों ने इन दस्तावेज़ों पर आपत्तियाँ की हैं.

इस वेबसाइट की स्थापना जूलियन असांज ने की है जो ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुए.

बहुत से देश उन्हें अपनी राह का रोड़ा मानते हैं जबकि उनकी तारीफ़ करने वाले उन्हें सच का सिपाही कहते हैं.

वे दुनिया भर में घूम-घूमकर इस वेबसाइट को चलाते हैं.

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