'बलात्कारियों' की पहचान हुई

  • 4 दिसंबर 2010
Image caption दिल्ली की गिनती महिलाओं के लिए असुरक्षित शहरों में होती है.

दिल्ली में पिछले महीने सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई महिला ने उन दो नौजवानों की पहचान कर ली है जिन्होंने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया था.

दिल्ली के एक कॉल सेंटर में काम करने वाली महिला के साथ धौला कुआँ इलाक़े में पाँच लोगों ने 24 नवंबर को बलात्कार किया था जिसके बाद से पुलिस इन लोगों की तलाश कर रही थी.

तिहाड़ जेल में हुई शिनाख़्त परेड में महिला ने दो लोगों की पहचान कर ली है, इन लोगों को दिल्ली पुलिस ने शक के आधार पर गुरूवार को गिरफ़्तार किया था.

जिन नौजवानों की पहचान इस महिला ने की है उनके नाम शमशाद और उस्मान हैं, दोनों की उम्र 25 साल बताई गई है.

दिल्ली पुलिस ने बाक़ी संदिग्ध हमलावरों की तलाश तेज़ कर दी है जो अभी तक फ़रार हैं. पुलिस को ख़ास तौर पर कमरू उर्फ़ मोबाइल और इक़बाल उर्फ़ बड़ा बिल्ला की तलाश है.

बताया जाता है कि इस गिरोह का सरगना कमरू है और उसके गिरोह का नाम मोबाइल गैंग है.

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इन लोगों की तलाश के लिए दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में कई दल भेजे गए हैं.

मूलतः मिज़ोरम से आने वाली 30-वर्षीय महिला को 24 नवंबर की रात एक एक बजे उनके घर के पास से अगवा कर लिया गया था. महिला अपने दफ़्तर से लौट रही थी और ऑफ़िस की टैक्सी ने उन्हें और उनकी सहेली को घर से कुछ दूरी पर उतारा था.

महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ उन्हें घसीटकर एक ट्रक में ले गए जहाँ कई लोगों ने लगातार उनके साथ बलात्कार किया.

महिला की सहेली वहां से भागने में कामयाब रही और उसी ने पुलिस को हादसे के बारे में सूचना दी.

पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए लोग आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं, वे पहले भी एक सामूहिक बलात्कार के मामले में शामिल थे.

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