चिदंबरम के बयान का विरोध

वाराणसी में विस्फोट के बाद की सुबह

वाराणसी में मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा है कि राज्य सरकार को पिछले फ़रवरी में दशाश्वमेध घाट में सतर्क रहने को कहा गया था लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो गई.

हालांकि मुख्यमंत्री मायावती ने इसका खंडन किया है.

मुख्यमंत्री के प्रवक्ता कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने कहा कि रोजाना की तरह मंगलवार को भी पुलिस ने घाट की सुरक्षा जांच का काम पूरा करके आरती के लिए पुजारियों को सौंप दिया था. उसके बाद तमाम लोग आरती के लिए आते हैं और उनको रोक पाना संभव नही होता.

मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि केन्द्रीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने आतंकवादी घटनाओं के सम्बन्ध में कोई ऐसी ठोस जानकारी नही दी, जिस पर कार्रवाई हो सकती.

प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री की यह राय दोहराई की आतंकवाद एक राष्ट्रीय समस्या है और उस पर काबू करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. उन्होंने कहा कि केन्द्र को चाहिए कि वह इस सम्बन्ध में राज्य सरकारों को ठोस सूचना , हथियार और सुरक्षा बल उपलब्ध कराए.

गृह मंत्री का दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने बनारस का दौरा किया और वो अस्पताल में जाकर घायलों से मिले हैं.

इससे पहले मंगलवार को आधी रात के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने भी घटनास्थल का दौरा किया था.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने विस्फोट के विरोध में शहर में बंद का आह्वान किया है. बंद का छिटपुट असर दिखाई दे रहा है.

तस्वीरें: विस्फोट के बाद

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की शाम को गंगा के दशाश्वमेध घाट के नज़दीक शीतला घाट पर एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई थी और 40 अन्य घायल हो गए थे.

बीबीसी को भेजे गए एक ईमेल में कहा गया है कि इंडियन मुजाहिदीन इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है.

चिदंबरम-मायावती का दौरा

पी चिदंबरम ने बुधवार की सुबह अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया है और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाक़ात की है.

इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा था कि वे मुंबई में हुए हमलों की तारीख़ 26/11 और बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी छह दिसंबर को विशेष सतर्कता बरतें.

उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार का जहाँ तक सवाल है तो केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 25 फ़रवरी को भेजे गए अपने संदेश में कहा था कि दशाश्वमेध घाट चरमपंथियों के निशाने पर है और वहाँ सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए जाएँ.

चिदंबरम ने कहा कि वहाँ सुरक्षा के इंतज़ाम तो किए गए थे लेकिन काफ़ी समय तक सब कुछ ठीक रहने से, लगता है कि थोड़ी ढिलाई आ गई.

उनका कहना था, "पुलिस को हर वक़्त मु्स्तैद रहना होगा और यह समझना होगा कि हर दिन एक नया दिन है."

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "इस विस्फोट का उद्देश्य माहौल ख़राब करना था लेकिन वाराणसी के लोगों ने ऐसा नहीं होने दिया इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ."

उन्होंने कहा है कि वे विस्फोट में जान गँवाने वाली बच्ची स्वातिका के पिता प्रोफ़ेसर संतोष कुमार और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.

हाल की चरमपंथी घटनाएँ

उन्होंने एक घायल महिला फूलमणि के गंभीर रुप से घायल होने पर चिंता जताई और कहा कि डॉक्टरों का कहना है बाक़ी लोगों को छोटी से मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है.

Image caption पुलिस को घटनास्थल से धातु के टुकड़े नहीं मिले हैं

नौ लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 31 लोगों का इलाज चल रहा है.

इससे पहले मंगलवार को रात क़रीब दो बजे उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया था.

उन्होंने घायलों का इलाज सरकारी ख़र्चे पर कराने का आश्वासन दिया.

इन आरोपों का उन्होंने खंडन किया कि छह दिसंबर के मद्दे नज़र पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगी कि जिस प्रकार से 26 नवम्बर के धमाकों के बाद मुंबई में व्यवस्था की गई है, वही व्यवस्था वाराणसी में भी की जाए.

मायावती ने ऐसी वारदातों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र से स्पेशल फ़ोर्स की भी मांग की.

जाँच

पुलिस जाँच कर रही है कि विस्फोट किस तरह से किया गया.

दो लोगों से पूछताछ

बुधवार को दोपहर तक पुलिस को इस बात का कोई सुराग़ नहीं लगा था कि इसके लिए किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल से उन्हें अब तक किसी तरह की धातु का कोई टुकड़ा नहीं मिला है, जो कि आमतौर पर विस्फोटकों में उपयोग में आता है.

उनका कहना है कि जो लोग घायल हुए हैं वो पत्थर से चोट लगने से हुए हैं.

पुलिस और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ जाँच में लगे हुए हैं.

इस बीच मुंबई पुलिस ने घटना की ज़िम्मेदारी लेने वाले मेल के सिलसिले में नवी मुंबई में दो लोगों से पूछताछ की है.

इस बारे में आगे जाँच जारी है.

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