फ़ैसले पर आरएसएस ने बदला सुर

मोहन भागवत
Image caption इसके पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुसलमानों से मेलमिलाप की बात कही थी

राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर हाईकोर्ट के फैसले पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) ने अपना रुख़ बदल लिया है.

अब संघ का कहना है कि विवादित भूमि का बंटवारा नहीं होना चाहिए.

रविवार को नागपुर में ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, ''हम देख चुके हैं कि बंटवारे से कोई समाधान नहीं निकलता. कश्मीर इसका सर्वोत्तम उदाहरण है. ''

भागवत ने कहा, ''यहाँ तक की मुस्लिम नेताओं ने कहा है कि ज़मीन का विभाजन उन्हें स्वीकार नहीं है और पूरी ज़मीन किसी भी एक पक्ष को दे दी जानी चाहिए. ज़मीन का विभाजन विवाद का हल नहीं है. ''

ग़ौरतलब ने हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को अयोध्या की विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटने का फ़ैसला सुनाया था.

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा था, ''फ़ैसले से अयोध्या में विवादित स्थल पर राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है. हम मुसलमानों सहित सभी को मंदिर निर्माण के लिए आमंत्रित करते हैं.''

आरएसएस प्रमुख ने कहा था, ''निर्णय को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखना चाहिए और हमें संयम बनाए रखना चाहिए.''

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