मैं विकास, यह भी और वह भी!

परीक्षा केंद्र
Image caption इस परीक्षा में कोई 50 हज़ार लोग शामिल हुए

अगर किसी कमरे में 20-30 नौजवान बैठे हों और उनमें से हरेक कहे कि उसका नाम विकास है तो आप ज़रुर इसे किसी शरारत का हिस्सा मानेंगे.

रविवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र के पर्यवेक्षकों के साथ ऐसा ही हुआ.

इस परीक्षा में शामिल प्रतियोगी भी थोड़े चकित थे.

होते भी क्यों नहीं वहाँ एक ही नाम के 28 लोगों ने एक ही कमरे में बैठ कर परीक्षा दी.

मुख्य नगरपालिका अधिकारी के लिए आयोजित इस परीक्षा में बिलासपुर के एक ग्रामीण इलाके में बनाए गए परीक्षा केंद्र के एक कमरे में कुल 28 लोग थे - विकास अग्रहरी, विकास गुप्ता, विकास अग्रवाल, विकास वर्मा, विकास चौबे....यानी सभी परीक्षार्थियों का नाम विकास था. अंतर था तो केवल उपनाम का.

परीक्षार्थी भौंचक

हुआ ये कि लोक सेवा आयोग ने इस बार मुख्य नगरपालिका अधिकारी के लिए आयोजित परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को अकारादी क्रम में यानी अल्फ़ाबेट के आधार पर ही प्रवेश पत्र जारी किए थे.

राज्य के रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में परीक्षा के कई केंद्र बनाये गए थे, जिसमें लगभग 50 हज़ार प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया.

अकारादी क्रम में नाम होने के कारण अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर एक जैसे हालात थे. यानी एक जैसे या मिलते-जुलते नाम वाले परीक्षार्थियों ने एक साथ, एक कक्ष में परीक्षा दी.

बिलासपुर के भरनी स्थित एक परीक्षा केंद्र के एक कमरे में बैठे परीक्षार्थी जब कमरे में घुसे तो वे भौंचक रह गए क्योंकि इस कक्ष में कुल 28 परीक्षार्थी थे और सबका नाम विकास था.

उस कक्ष में बैठ कर परीक्षा देने वाले सरकंडा के विकास चौबे कहते हैं,“ इससे पहले भी मैंने कई बार परीक्षा दी है. लेकिन मैं चकित रह गया, जब मुझे पता चला कि मेरे साथ बैठ कर परीक्षा दे रहे सभी प्रतियोगियों का नाम विकास है. मैं बहुत देर तक इस संयोग पर मुस्कुराता रहा.”

परीक्षा में शामिल विकास अग्रहरी के अनुसार उन्हें इस बात का पता तब चला, जब उन्होंने परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों के नाम की सूची देखी. उन्हें लगा कि कोई गड़बड़ी हुई है लेकिन बाद में ध्यान देने पर पूरा माजरा समझ में आया.

परेशानी

Image caption परीक्षार्थियों को पहली बार पता चला कि उनके इतने हमनाम हैं

लेकिन एक ही नाम के कारण कई परीक्षार्थी थोड़ी देर के लिए परेशान भी हुए.

ग्रामीण इलाक़े से आए एक विकास ने बताया कि किसी भी सूची में अपना नाम तलाश करने के लिए वो अब तक अपने नाम के पहले अक्षर यानी ‘वी’ को सबसे पहले तलाश करते थे. लेकिन इस बार हरेक नाम और उसके साथ के सरनेम को उन्हें पढ़ना पड़ा.

छत्तीसगढ़ के जांजगीर ज़िले से परीक्षा देने आए विकास कुमार के अनुसार उनके आस-पड़ोस में एक आदमी उनका हमनाम है. उनके स्कूल में भी कुल मिलाकर 2 लड़के ऐसे थे, जिनका नाम विकास था. लेकिन जीवन में पहली बार ऐसा हुआ जब उनका पाला इतने सारे हमनामों से पड़ा.

परीक्षार्थी विकास चौबे कहते हैं,“मेरी दिलचस्पी अब इस बात में है कि परीक्षा के परिणाम में कितने विकास सफल होते हैं. नाम तो ठीक है, इन नामों का विकास भी तो पता चले!”

गनीमत ये है कि इतने विकास होने के बाद अब तक किसी तरह की गड़ब़डी की ख़बर नहीं मिली है.

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