तेलंगाना का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर

तेलंगानाः विरोध प्रदर्शण (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर आंध्र में लंबे समय से हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य की मांग का जायज़ा लेने के लिए जो श्रीकृष्ण समिति गठित की थी, वो गुरूवार को आख़िरी बार राज्य का दौरा कर रही है.

पांच सदस्यों वाली यह समिति राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन, मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा तमाम राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मिलेगी.

यह यात्रा इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि समिति को इस महीने के अंत तक अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश करनी है.

लेकिन जहाँ तक तेलंगाना आंदोलन के नेताओं का सवाल है वो इस समिति की रिपोर्ट को लेकर ज़्यादा आशावादी नहीं हैं.

तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति के संयोजक प्रोफेसर कोदंडा राम का कहना था कि समिति यह सिफ़ारिश नहीं करेगी कि तेलंगाना राज्य बनना चाहिए या नहीं.

कोदंडा राम ने कहा, "शायद समिति यही कहेगी कि अगर तेलंगाना बनेगा तो क्या हो जाएगा और नहीं बनाया गया को क्या होगा. अंतिम फ़ैसला तो केंद्र सरकार को करना होगा और उसे इस समिति की दी हुई सूचनाओं के आधार पर जल्द ही यह फ़ैसला करना होगा."

महागर्जना रैली

गुरूवार को ही एक और अहम घटना में तेलंगना राष्ट्र समिति वारंगल में एक तेलंगाना महागर्जना रैली आयोजित कर रही है.

पार्टी को उम्मीद है कि इस रैली में 20 से 25 लाख लोग उपस्थित होंगे.

पार्टी के नेता के चन्द्रशेखर राव का कहना है कि इस रैली से यह स्पष्ट हो जाएगा कि तेलंगाना की जनता को तेलंगाना राज्य से कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा.

टीआरएस के एक वरिष्ट नेता और भूतपूर्व मंत्री एन नरसिंहा रेड्डी ने कहा कि इस रैली से आंध्र और रायलसीमा के लोगों और तेलुगु देसम और प्रजा राज्यम पार्टी जैसे दलों को यह संदेश मिल जाएगा कि उन्हें तेलंगाना की मांग पर अपने रुख पर पुनः विचार करना चाहिए.

एन नरसिंहा रेड्डी ने कहा, "रैली से हम यह स्पष्ट कर देंगे कि अब आंध्र और तेलंगाना को अलग हो जाना चाहिए क्योंकि इसके बिना तेलंगाना को न्याय नहीं मिल सकता. हम अपने राज्य को तरक्की देंगे, आप अपने राज्य को तरक्की दीजिए."

Image caption तेलंगाना समर्थकों की मांग है कि जल्द से जल्द उनकी माँग मान ली जाए.

"साथ ही हम दिल्ली की सरकार को भी यह संदेश देंगे कि अगर वो तेलंगाना राज्य की स्थापना की घोषणा को पूरा नहीं करती है तो फिर तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी का नामोनिशान मिट जाएगा."

कोदंडा राम का कहना था कि इस रैली में तेलंगाना के सभी लोगों से यह अपील की जाएगी की वो तेलंगाना के आने वाले आंदोलन में शामिल हो जाएँ और साथ ही केंद्र सरकार को भी यह चेतावनी दी जाएगी की वो दशकों तेलंगाना की दशकों पुरानी समस्या को बिना और देरी किए शांतिपूर्ण ढंग से हल कर दे.

उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि केंद्र सरकार इस बात को समझ जाएगी.

असल में यह रैली 9 दिसंबर को ही गृहमंत्री पी चिदंबरम के उस वक्तव्य की वर्षगांठ पर होने वाली थी जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर रही है.

लेकिन गत सप्ताह हुए वर्षा और बाढ़ को देखते हुए उसे स्थगित करना पड़ा.

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