कर्ण सिंह ने पुरस्कार स्वीकार नहीं किया

Image caption कर्ण सिंह चीन के प्रधानमंत्री से पुरस्कार ग्रहण करने के लिए मौजूद नहीं थे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की ओर से दिया गया 'चीन-भारत मैत्री' पुरस्कार स्वीकार नहीं किया.

वेन जियाबाओ ने बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों के नौ लोगों को यह पुरस्कार दिया.

लेकिन कर्ण सिंह इस पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हुए.

कर्ण सिंह राज्यसभा सदस्य हैं और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष भी हैं.

उनका ताल्लुक भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर से है.

भारत और चीन के बीच प्रशासित कश्मीर के लोगों को स्टेपल यानि नत्थी किया हुआ वीज़ा देने को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है.

जानकार कर्ण सिंह के पुरस्कार ग्रहण न करने को इसी से जोड़ कर देख रहे हैं.

हालांकि कर्ण सिंह ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.

उल्लेखनीय है कि कर्ण सिंह 1952 से 1964 तक भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के सदरे रियासत रह चुके हैं.

पुरस्कार लेने वालों में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, प्रोफेसर तान चुंग, जी विश्वनाथन, जी बनर्जी, एम मोहंती, एस चक्रवर्ती, भास्करन, शेरदिल और पल्लवी अय्यर शामिल हैं.

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