राहुल की 'टिप्पणी' पर तकरार

राहुल गांधी
Image caption राहुल गांधी की टिप्पणी विकीलीक्स दस्तावेज़ से सामने आई है

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने विकीलीक्स की ओर से जारी दस्तावेज़ से सामने आई राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. जबकि कांग्रेस ने फ़िलहाल इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.

विकीलीक्स के मुताबिक़ पिछले साल अमरीकी राजदूत टिमूथी रोमर से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा था कि देश को हिंदू कट्टरपंथ से बड़ा ख़तरा है.

इन दस्तावेज़ों के सामने आने के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी से आतंकवादियों के हौसले बढ़ेंगे.

उन्होंने कहा, "ये बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और ग़ैर ज़िम्मेदाराना है. ये भारत के प्रति उनकी सोच का संकेत है."

स्पष्टीकरण

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल के इस बयान से ये भी लगता है कि वे भारतीय राजनीति के बारे में कितना कम जानते हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदांबरम पहले ही कह चुके है कि माओवाद और सीमापार से प्रायोजित आंतकवाद देश के लिए बड़ी चुनौती है. इससे पता चलता है कि कांग्रेस की सोच में समानता नहीं है.

उन्होंने कहा, "राहुल गाँधी ने एक ही झटके में लशकर-ए-तैबा और जमात-उद-दावा जैसे संगठनों और पाकिस्तान के दुष्प्रचार को सही ठहरा दिया है. भारत की आंतक के ख़िलाफ़ लड़ाई इस बयान से निश्चित रुप से कमज़ोर होगी."

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर उन्हें ऐसी कोई चिंता है तो वो इसे संसद में उठा सकते हैं, चर्चा करते, हम उसका जवाब देते. लेकिन एक विदेशी राजदूत के सामने ये कहना दिखाता है कि उन्हे अभी भारत के बारे में और समझना बाक़ी है.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और इसके खिलाफ़ हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की है और कहा है कि कांग्रेस को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए.

दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस विषय पर कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं. इसको देखा जाएगा, इसकी जाँच की जाएगी और तथ्यों को देखने के बाद इस पर टिप्पणी की जाएगी.

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