हर तरह का आतंकवाद भारत के लिए ख़तरा: राहुल

  • 17 दिसंबर 2010

हिंदू कट्टरपंथियों के बारे में विकीलीक्स में छपी राहुल गांधी की टिप्पणी पर कांग्रेस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि भारत को सभी तरह के आतंकवाद के प्रति सतर्क रहना चाहिए.

विकीलीक्स ने दस्तावेज़ जारी किए हैं जिसमें कहा गया है कि राहुल गांधी ने अमरीकी राजदूत से कहा था कि मुस्लिम चरमपंथियों से ज़्यादा हिंदू कट्टरपंथी भारत के लिए ख़तरा पैदा कर सकते हैं.

ब्रितानी अख़बार द गार्डियन में छपी इस ख़बर के बाद भारत में काफ़ी खलबली मच गई है.कांग्रेस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है, “राहुल गांधी का मत ये है कि आतंकवाद और हर तरह की सांप्रदायिकता भारत के लिए ख़तरा है. हमें हर तरह के आतंकवाद के प्रति सजग रहना पड़ेगा- फिर ये गतिविधियाँ कोई भी करे.”

भाजपा की आलोचना

विकीलीक्स में आए राहुल गांधी के बयान पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी से आतंकवादियों के हौसले बढ़ेंगे.

उन्होंने कहा, "ये बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और ग़ैर ज़िम्मेदाराना है. ये भारत के प्रति उनकी सोच का संकेत है.राहुल के इस बयान से ये भी लगता है कि वे भारतीय राजनीति के बारे में कितना कम जानते हैं."

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गाँधी ने एक ही झटके में लशकर-ए-तैबा और जमात-उद-दावा जैसे संगठनों और पाकिस्तान के दुष्प्रचार को सही ठहरा दिया है जिससे भारत की आंतक के ख़िलाफ़ लड़ाई कमज़ोर होगी.

जबकि कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसे हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की आदत है.

क्या छापा विकीलीक्स ने?

विकीलीक्स के मुताबिक़ राहुल गांधी ने हिंदू चरमपंथ से जुड़ी बातें पिछले साल अमरीकी राजदूत के साथ एक लंच के दौरान कही थी.

दस्तावेज़ों की मानें तो राहुल गांधी ने अमरीकी राजदूत टिमूथी रोमर को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत के कुछ मुस्लिम समुदायों में चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैबा के समर्थन के सबूत हैं लेकिन देश के लिए बड़ा ख़तरा कट्टरपंथी हिंदू गुटों का बढ़ना है, जो मुस्लिम समुदाय के साथ धार्मिक तनाव और राजनीतिक टकराव पैदा करते हैं.

राहुल गांधी ने रोमर से कहा था, पाकिस्तान स्थित गुटों की ओर से या भारत स्थित इस्लामी गुटों की ओर से होने आतंकवादी हमलों पर प्रतिक्रिया दे रहे देसी कट्टरपंथी गुट चिंता का विषय बन रहे हैं और इन पर लगातार नज़र रखने की आवश्यकता है.

अमरीकी राजनयिकों के बीच भेजे गए एक अन्य संदेश में राहुल गांधी की राजनीतिक अनुभवहीनता और लगातार कई भूलों का भी ज़िक्र है.

इस संदेश में राजनीतिक समीक्षकों और पत्रकारों की ओर से होने वाली राहुल गांधी की आलोचना का भी उल्लेख किया गया है.

इस साल फरवरी में भेजे गए एक संदेश में उन्हें लगातार दृढ़ होता व्यक्ति कहा गया था.

पिछले साल राहुल गांधी के साथ लंच के बाद अमरीका राजदूत रोमर ने लिखा था, “राहुल गांधी जैसे युवा नेताओं के बढ़ते कद के कारण अमरीका के पास ये मौक़ा है कि वो दीर्घकालिक नीतियों को ध्यान में रखते हुए अपना समर्थन बढ़ाए.”

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