'राष्ट्रवाद की आड़ में मुसलमानों पर निशाना साधा'

  • 19 दिसंबर 2010
दिग्विजय सिंह और प्रणब मुखर्जी कांग्रेस अधिवेशन में

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रवाद की विचारधारा की आड़ में आरएसएस मुसलमानों को उसी तरह निशाना बना रही है जिस तरह 1930 के दशक में (हिटलर की) नाज़ी पार्टी ने यहूदियों को निशाना बनाया था.

दिल्ली के कांग्रेस महाधिवेशन में पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने ये विचार व्यक्त किए हैं.

कांग्रेस अधिवेशन में सोनिया ने किए भाजपा पर प्रहार

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि आरएसएस ने अपने कार्यकर्ताओं को नौकरशाही और सेना तक में भेजा है. उन्होंने सवाल उठाया, "मालेगांव, मक्का मस्जिद, समझौता एक्सप्रेस से संबंधित सभी लोग कहीं न कहीं हिंदूवादी संगठन से क्यों जुड़े हुए हैं?"

उधर भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारामन ने कांग्रेस के आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया और पलटवार भी किया है.

निर्मला सीतारामन का कहना था, "भाजपा के सवालों के जवाब देने की जगह कांग्रेस विपक्ष को गालियाँ दे रही है. ये संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की विफलता से ध्यान पलटने के लिए हो रहा है..."

धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के ख़िलाफ़ किस तरह की साज़िश की बात कर रही है. वे धर्मनिरपेक्षता पर अपने स्टैंड यानी रुख़ के बारे ही स्पष्ट नहीं हैं. कांग्रेस महासचिव हिंदू आतंक की बात कर रहे हैं, कांग्रेस अध्यक्ष बहुसंख्यकों के आतंक और अल्पसंख्यकों के आतंक की बात कर रही हैं. उन्हें अभी भी आतंक के बारे में अंतिम फ़ैसला करना है.."

'नई पीढ़ी के दिमाग में नफ़रत'

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना था, "...आरएसएस नई पीढ़ी के दिमाग में मुसलमानों से नफ़रत करने का बीज बो रही है और यही हमारे से लिए सबसे बड़ा ख़तरा है."

दिग्विजय सिंह का कहना था, "कांग्रेस ने आरएसएस के कार्यकर्ता सुनील जोशी की हत्या की केंद्रीय जाँच ब्यूरो से जाँच की मांग की है...मैं जोशी को इसलिए जानता था क्योंकि मैं सांसद हूँ. समझौता एक्सप्रेस धमाके, मालेगांव धमाके, मक्का मस्जिद धमाके, अजमेर शरीफ़ विस्फोट मामला सभी की जाँच में उनका नाम आया. ऐसा क्यों है कि ये सभी अभियुक्त आरएसएस से जुड़े हुए हैं."

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर भी उन्होंने वैसे ही निशाना साधा जिस तरह से आरएसएस पर.

उनका आरोप था, "बाबरी मस्जिद विध्वंस भारत के इतिहास में सबसे अंधकार भरा अध्याय है...भारत में आतंकवाद की जड़ें भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा से जुड़ी हुई है."

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