चंद्रबाबू नायडू की यात्रा के विरुद्ध हिंसा

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Image caption तेलंगाना मुद्दे पर चंद्रबाबू नायडू का रुख अस्पष्ट है.

तेलुगु देसम पार्टी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू की तेलंगाना यात्रा के विरुद्ध वारंगल में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई है.

शुक्रवार की सुबह जैसे ही नायडू की गाड़ियों का खाफ़िला वारंगल ज़िले में दाख़िल हुआ, तेलंगाना राज्य के समर्थकों ने उस पर पथराव कर दिया. इस पथराव में कम से कम दस लोग घायल हो गए जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है.

हालाँकि हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे और पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फ़ोर्स भी तैनात की गई थी लेकिन वो सैंकड़ो तेलंगनावादियों को नियंत्रित नहीं कर सके.

'अपना रुख़ स्पष्ट करें'

जहां एक ओर नायडू का कहना है की वो किसानों की समस्या को समझने के लिए वारंगल की यात्रा कर रहे हैं, वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति और दूसरे संगठन यह मांग कर रहे हैं की नायडू पहले यह स्पष्ट करें की वो तेलंगना राज्य के पक्ष में हैं या नहीं.

नायडू की यात्रा के विरुद्ध आज टीआरएस और तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने भी ज़िला बंद का आह्वान किया है जिसके चलते स्कूल कॉलेज, दुकानें व्यपार सब बंद हैं.

नैदुके काफ़िले को वारंगल ज़िले में दाखिल होने से पहले ही हैदराबाद और नलगोंडा ज़िलों में भी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा. कई जगहों पर टीआरएस और तेलुगु देसम कार्यकर्ताओं के बीच झडपें भी हुईं. साथ ही कई जगहों पर नायडू के विरुद्ध काले झंडे भी लगाए गए थे.

वारंगल में सैंकड़ों तेलंगाना वादी सड़कों पर निकल आए और विरोध द्प्रदर्शन किये और पत्थर फेंके.

महबूबाद और दूसरी जगहों पर उन्हों ने उन बसों को रोक दिया जिन में त्लयूगु देसम पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को बहार से वारंगल ला रही थी ताकि वोह नायडू के कार्यक्रम में भाग ले सकें.

प्रतिष्ठा का सवाल

हिंसा की आशंका को देखते हुए वारंगल के एसपी राजेश कुमार ने चंद्रबाबू नायडू से अनुरोध किया था की वो अपनी यात्रा रद्द कर दें लेकिन उन्होंने इसे मानने से इंकार कर दिया.

तेलुगु देसम ने नायडू की यात्रा को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है क्योंकि वो नहीं चाहती कि वारंगल ज़िला पूरी तरह से टीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के प्रभाव में चला जाए.

दो वर्ष पहले तेलंगानावादियों ने वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी की तेलंगाना यात्रा के विरुद्ध अभियान चलाया था जिसे लेकर वारंगल ज़िले के महबूबाबाद शहर में हिंसा भड़क उठी थी और पुलिस को फ़ायरिंग करनी पड़ी थी. बाद में पुलिस ने जगनमोहन रेड्डी को वहां जाने से रोकने के लिए ट्रेन में ही गिरफ्तार कर लिया था.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर एम कोदान्दाराम का कहना है कि केवल वही राजनैतिक दल तेलंगाना में अपना कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं जो तेलंगाना राज्य की मांग पर एक स्पष्ट रुख रखते हों.

तेलुगु देसम इस विषय पर दो हिस्सों में बंटी हुई है. तेलंगाना के तेदपा नेता तेलंगाना चाहते हैं लेकिन आंध्र और रायल सीमा के नेता ऐसा नहीं चाहते. खुद नायडू का रुख इस मसले पर अस्पष्ट है. वो कहते हैं की आंध्र और तेलंगाना उन के लिए दो आँखों के बराबर हैं.

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