कांग्रेस महाधिवेशन में भाजपा पर प्रहार

  • 19 दिसंबर 2010
सोनिया गांधी
Image caption सोनिया गांधी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया

कांग्रेस महाधिवेशन में सोनिया गांधी और कई अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसे मुद्दे पर प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी पर जम कर प्रहार किया.

कांग्रेस नेताओं ने संसद में भाजपा के व्यवहार की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाना बनाने की भी कड़ी निंदा की.

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पिछले दिनों विकीलीक्स से जारी हुए दस्तावेज़ से यह पता चला था कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने अमरीकी राजदूत टिमूथी रोमर से एक लंच के दौरान कहा था कि हिंदू कट्टरपंथी देश के लिए बड़ा ख़तरा हो सकते हैं.

इस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. दिल्ली के बुराड़ी में पार्टी महाधिवेशन को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, "आतंकवाद जैसा भी हो, वो चाहे बहुसंख्यक का हो, या अल्पसंख्यक का, ख़तरनाक होता है. दोनों में कोई अंतर नहीं."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर तरह की सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ है, चाहे उनका स्वरूप जैसा भी हो.

इस महाधिवेशन में सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार पर भी अपना मुँह खोला. 2जी स्पैक्ट्रम, आदर्श घोटाला, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले जैसे मामलों के बीच उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

आलोचना

सोनिया ने कहा, "कांग्रेस ने बिना आरोप साबित हुए अपने मंत्रियों और मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा दिलवाया. लेकिन क्या भाजपा ऐसा कर सकती है. क्या भाजपा कर्नाटक के मामले पर ऐसा कर सकती है."

संसद की कार्यवाही में रुकावट डालने के लिए उन्होंने भाजपा समेत विपक्षी पार्टियों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने इन मामलों पर कार्रवाई की है, क्या अन्य पार्टियाँ ऐसा कर सकती है.

उन्होंने यहाँ तक कहा कि भ्रष्टाचार के मामले पर भाजपा दोहरा मानदंड अपनाती है.

सोनिया गांधी ने कहा कि ज़मीन आबंटन पर जब मुख्यमंत्री के पास अधिकार होते हैं, तो इससे भ्रष्टाचार होता है. उन्होंने कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे या तो अपने अधिकार छोड़ दें या इसकी समीक्षा करें.

पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में आदर्श सोसाइटी भ्रष्टाचार मामला सुर्ख़ियों में है और इसमें फ़्लैट आबंटन को लेकर काफ़ी सवाल उठे हैं.

सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना करने के कारण भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया और कहा कि ये निंदनीय है.

उन्होंने सूचना का अधिकार और लोकपाल बिल की चर्चा की और कहा कि इससे पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी.

सोनिया गांधी ने महाधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू से लेकर पीवी नरसिम्हा राव जैसे कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के योगदान की सराहना की.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का इसके लिए आभार व्यक्त किया कि पिछले 12 साल से उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद दिया गया है.

आत्मचिंतन

सोनिया गांधी ने स्वीकार किया कि कांग्रेस के सामने कई चुनौतियाँ हैं और कई मामलों पर आत्मचिंतन की आवश्यकता है.

उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को एक तरह फटकार लगाते हुए कहा कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करें. सोनिया ने कहा, "मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से शिकायत मिली है कि मंत्री उनसे मिलते नहीं. मुझे लगता है कि उनकी शिकायत सही है. अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व से ज़रूर मिले-जुले. ऐसे कार्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं से मनोबल गिरता है."

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे ये दिखाते हैं कि पार्टी को निचले स्तर पर काम करने की ज़रूरत है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के हिंसाग्रस्त इलाक़ों में शांति वार्ता की पैरवी की और कहा कि देश के अशांत क्षेत्रों में संवाद के द्वार खुले रखने होंगे और इसका कारण ढूँढ़ना होगा कि हिंसा क्यों जारी है.

सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी राज्यों की आर्थिक मदद की है.

उन्होंने सीमा पार से देश में आतंकवाद पर कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा कि किसी को इसका भ्रम नहीं होना चाहिए कि वो भारत को नुक़सान पहुँचा सकता है.

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