चंद्रबाबू को जबरन अस्पताल भेजा गया

Image caption चंद्रबाबू नायडू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है

आमरण अनशन पर बैठे आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगूदेशम पार्टी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू को पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया है.

तेलुगूदेशम के पार्टी कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई से नाराज़ हैं और पार्टी ने सोमवार को राज्य में बंद का आह्वान किया है.

रविवार देर रात को चंद्रबाबू नायडू की हालत बिगड़ गई थी. पुलिस ने रात से ही हड़ताल कैंप को घेरना शुरू कर दिया था. बाद में पुलिस उन्हें जबरन निज़ाम इंस्टीच्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस ले गई.

बारिश और बाढ़ से प्रभावित प्रदेश के किसानों के लिए मुआवाज़े की मांग कर रहे आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है.

लेकिन अस्पताल में भी उन्होंने आमरण अनशन जारी रखा है. डॉक्टर उन्हें ग्लूकोज चढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नायडू का कहना है कि वे अपना अनशन जारी रखेंगे.

नाराज़गी

पुलिस ने जब हड़ताली कैंप को घेरकर चंद्रबाबू नायडू को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो वहाँ मौजूद पार्टी कार्यकर्ता नाराज़ हो गए. पुलिस और तेलुगूदेशम कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई.

पुलिस को रोकने वालों में चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश भी थे. पार्टी कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई से ग़ुस्से में हैं.

चंद्रबाबू नायडू पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर है और मांग कर रहे हैं कि सरकार हाल की बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवज़ा दे.

पुलिस ने नायडू को भूख हड़ताल कैंप से निकाल कर हॉस्पिटल पहुँचाने का फ़ैसला उस समय किया जब डॉक्टरों ने कहा की तीन दिन के अनशन के बाद नायडू की हालत ख़राब हो गई है और उनका स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ सकता है.

उनका परीक्षण करने वाले डॉक्टर बी सोमाराजू ने बताया कि नायडू की शुगर का स्तर गिर कर 60 से नीचे आ गया है और सोडियम का स्तर भी कम हो गया है.

रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने नायडू से अपील की थी कि वो अपना आमरण अनशन ख़त्म कर दें क्योंकि सरकार ने उनकी मांगों और किसानों की समस्याओं को नोट कर लिया है और सरकार किसानों की हित के लिए क़दम उठा रही है.

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