नायडू गिरफ़्तार लेकिन अनशन जारी

  • 20 दिसंबर 2010
समर्थकों के साथ नायडू
Image caption नायडू को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है.

आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू ने गिरफ़्तारी और जबरन अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के बावजूद चौथे दिन भी अपना आमरण अनशन जारी रखा है और कहा है कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों संबंधी उनकी मांग जब तक पूरी नहीं होती वो अपने कदम वापस नहीं लेंगे.

नायडू को निजाम्स इंस्टीट्यूट अफ मेडिकल साइंसेस (निम्स) में रखा गया है. वो कुछ खाने या दवा लेने से इंकार कर रहे है और उन्हें मनाने स्वास्थ्य मंत्री डॉ रविन्द्र रेड्डी और निम्स के डॉक्टरों की सारी कोशिश विफल रही है.

निम्स के निदेश पी रमेश ने कहा है की नायडू के रक्त में शुगर काफी कम हो गई है जिस से उनके ह्रदय की धड़कन में अंतर आ रहा है. इस के अलावा उन के रक्त में ऐसे कई परिवर्तन आ रहे हैं जो एक साठ वर्षीय व्यक्ति के लिए अच्छे नहीं हैं.

नायडू केवल पानी पी रहे हैं और उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी है कि उन्हें ग्लूकोज़ न चढ़ाया जाए.

नायडू ने किसानों को एक खुला पत्र लिख कर कहा है कि सरकार उन्हें गिरफ्तार कर के और पुलिस बल का उपयोग कर के उनके इस आन्दोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है लेकिन वो सफल नहीं हो पाएगी.

उन्होंने आरोप लगाया की राज्य की कांग्रेस सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में नाकाम हो गई है.

दूसरी और राज्य की गृह मंत्री इन्द्र रेड्डी ने कहा कि नायडू का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ रहा था जिस के बाद यह सरकार का कर्त्तव्य था कि वो उन्हें अस्पताल पहुंचाए.

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने भी एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि वित्तीय मुश्किलों के बावजूद उन की सरकार ने किसानों के लिए एक बहुत ही अच्छा पैकेज घोषित किया है.

उन्होंने कहा की किसानों के हित के लिए बारिश और बाढ़ में दस प्रतिशत तक ख़राब हो जाने वाला धान भी पूरी कीमत पर खरीदा जा रहा है और 10 से पचास प्रति शत तक ख़राब हो जाने वाला धान भी अच्छी कीमत पर खरीदा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप बिलकुल गलत है क्योंकि उन्होंने किसानों के लिए जितना काम किया है किसी और सरकार ने नहीं किया होगा.

उन्होंने कहा कि अब तक क़रीब 28 लाख किसानों के मोटर पंपों को मुफ्त बिजली का कनेक्शन दिया गया है और उस पर हर वर्ष तकरीबन चार हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और गत छह वर्षों में इस पर लग भाग 29000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं.

लेकिन इस विषय पर अभी भी कांग्रेस सरकार की परेशानी ख़त्म नहीं हुई है.

तेलुगु देसम और वाम दलों ने किसानों का आह्वान किया है कि वो मंगलवार को तमाम मंडलों में विरोध प्रदर्शन करें.

दूसरी तरफ कांग्रेस के बागी नेता और पूर्व सांसद वाई एस जगन मोहन रेड्डी भी मंगलवार से विजयवाडा में 48 घंटों की भूख हड़ताल करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि उनके साथ एक लाख समर्थक भी भूख हड़ताल करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे की वो किसानों के हित के लिए और भी कदम उठाए.

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