'भ्रष्टाचार कोई भी करे, मैं समर्थन नहीं करता'

  • 20 दिसंबर 2010
बीएस येदुरप्पा
Image caption येदुरप्पा का कहना है कि मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार के तहत भूमि आवंटन की प्रक्रिया वर्षों से चल रही है

भूमि आवंटन के विवाद में फंसे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने किसी नियम या कानून की अवहेलना नहीं की है.

येदुरप्पा का कहना है कि उनकी सरकार ने राज्य में विकास को गति दी है. बीबीसी संवाददाता गीता पांडे से येदुरप्पा की हुई बातचीत के प्रमुख अंश:

आप पर आरोप है कि आपने सार्वजनिक भूमि अपने बेटे, बेटी, दामाद और अन्य सगे-संबंधियों को आवंटित किया है. आप इस आरोप के बारे में क्या कहना चाहेंगे?

यह आरोप निराधार है. मैंने कानून या नियमों की अवहेलना कर कोई भूमि आवंटित नहीं की है. इन आरोपों का लक्ष्य मेरी और मेरे सरकार की छवि ख़राब करना है.

आप पर यह विशेष आरोप है कि आपने शिमोगा और मैसूर में 345 एकड़ भूमि अपने कब्जे में ले ली और उसे अपने परिवार वालों को आवंटित कर दिया. इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

हमने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए कोई भूमि नहीं ली है. कानूनी परिधि के भीतर कुछ कंपनियों को इस्तेमाल करने के लिए भूमि दी गई है. हाईकोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में कहा कि जी श्रेणी के तहत सरकार को भूमि आवंटित करने का कोई अधिकार नहीं है. आपने अपने परिवार के सदस्यों, पार्टी के सांसदों और विधायकों और अन्य लोगों के जी श्रेणी के तहत भूमि आवंटित की. इस बात को आप कैसे झुठलाएँगे?

मुख्यमंत्री के 'डिसक्रेशनरी कोटा' यानी विशेषाधिकार के तहत भूमि के आवंटन की प्रक्रिया कई वर्षों से चल रही है. इस रूप में मैंने भी जी श्रेणी के तहत भूमि आवंटित की. हालांकि हाईकोर्ट का फ़ैसला हाल ही में आया है.

आपके आलोचकों का कहना है कि आपकी सरकार कर्नाटक में अब तक की सबसे ख़राब सरकार है. प्रशासन अक्षम है, भ्रष्टाचार चरम पर है और विकास की कई परियोजना इस वजह से प्रभावित हो रही है.

आलोचकों की बात में कोई दम नहीं है. मेरी सरकार की आलोचना के पीछे उनकी दुर्भावना है. मुझे इसकी परवाह नहीं है. राज्य की जनता बुद्धिमान है. उन्होंने हमारी नीतियों और कार्यक्रमों को समर्थन दिया है, पिछले ढाई वर्षों के दौरान विभिन्न चुनावों में हमारी पार्टी को मिली सफलता से यह स्पष्ट है. मेरी सरकार ने ढाई वर्षों का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा किया है. 'विकास' हमारा मंत्र है. समाज के सभी वर्गों और राज्य के सभी इलाक़ों का समान विकास हमारा लक्ष्य है. सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं, जैसे, भाग्यलक्ष्मी, संध्या सुरक्षा, आरोग्य कवच और विधार्थियों को मुफ़्त साइकिल आदि से राज्य की एक करोड़ 86 लाख जनता को सीधे लाभ मिला है.

संपूर्ण विकास के लिए 'विजन 2020' को प्रस्तुत करने वाले हमारा राज्य पहला है. पूरे देश को हमने इस तरह एक मॉडल दिया है.

'द ग्लोबल निवेस्टर' यानी दुनिया भर के निवेशकों का हाल ही में बैंगलौर में एक सम्मेलन हुआ है जिस काफ़ी समर्थन मिला. पाँच लाख करोड़ रुपए से ज्य़ादा की कुल निवेश के लिए भारत और दुनिया भर के 400 से ज्यादा कंपनियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे क़रीब नौ लाख लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है. इन परियोजनाओं को लागू करने की कार्रवाई शुरू हो गई है. 2.43 लाख करोड़ की निवेश से संबंधित 137 नई परियोजनाओं के लिए आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी है. राष्ट्रीय स्तर पर 20 सूत्री वैकासिक कार्यक्रमों को लागू करने के मामले में कर्नाटक नंबर दो पर है. वर्ष 2009-10 के लिए भारत सरकार की 'पंचायत एंपावरमेंट एंड अकांउटबिलिटी इनसेंटिव स्कीम (पीईएआईएस)' के तहत कर्नाटक को पहला पुरस्कार मिला है. समग्र रूप में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को देश में लागू करने के मामले में कर्नाटक दूसरे स्थान पर है.

कर्नाटक की वित्तीय स्थिति काफ़ी मजबूत है. पिछले साल के मुकाबले इस साल करों के संग्रहण में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय योजना आयोग और 13वीं वित्तीय आयोग ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है.

पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और कमजोर तबकों के उत्थान को लेकर हमारे कार्यक्रमों की भी प्रशंसा हुई है. पिछड़े वर्गों के लिए बने कार्यक्रमों को ठीक से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 'बैकवार्ड क्लासेज कारपोरेशन' को पहला पुरस्कार मिला है. हमारे परिवहन विभाग को बायो फ्यूल, ईंधन में इथेनॉल के इस्तेमाल आदि की पहल के लिए कई पुरस्कार मिले हैं. हमारी ई-गर्वनेंश की पहल को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और 'एशिया अवार्ड' जैसे पुरस्कार मिले हैं. केंद्रीय सरकार ने हमारे इन कामों की पहचान की है, उनकी सराहना की है, यदि विकास की परियोजना प्रभावित हो रही है तो फिर हमें सराहना कैसे मिली?

आप पर आरोप है कि आपने भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व को रुपए दिए है जिससे आपकी कुर्सी बची है?

ये आरोप बकवास हैं. इससे साबित होता है वे किस हद तक गिर सकते हैं.

कुछ ख़बरों के हवाले से यह कहा जा रहा है चूँकि पिछले मुख्यमंत्री (अन्य पार्टियों के) भी भ्रष्ट्राचार में लिप्त रहे हैं, इसलिए आप कुछ भी नया नहीं कर रहे. क्या यह सच है?

भ्रष्टाचार कोई भी करे, मैं कभी इसका समर्थन नहीं करता.

आपके विरोधियों का कहना है कि आपको पद छोड़ देना चाहिए. इस बारे में आपका क्या कहना है?

विपक्ष ने मुझे सत्ता नहीं दिलाया है. जनता ने बीजेपी को सत्ता में बिठाया है. कर्नाटक की जनता के आशीर्वाद और सहयोग से हम राज्य में शासन कर रहे हैं.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार