जगन रेड्डी भी भूख हड़ताल पर

जगन
Image caption जगन मोहन रेड्डी भी अब भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.

आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सरकार को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

अभी विपक्ष के नेता और तेलुगु देसम अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू का आमरण अनशन पांचवें दिन भी चल ही रहा है और इसी बीच कांग्रेस के बागी नेता वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने भी आज से 48 घंटों की भूख हड़ताल शुरू कर दी है.

दोनों ही नेता मांग कर रहे हैं कि जिन किसानों की फसलें हालिया बारिश और बाढ़ में नष्ट हुई थीं उनका मुआवज़ा बढ़ाया जाए.

जगन ने अपनी भूख हड़ताल को "लक्ष्य दीक्षा" का नाम दिया है क्योंकि उन के साथ इसमें एक लाख समर्थक भी शामिल हैं.

विजयवाडा में कृष्णा नदी के किनारे आयोजित ये कार्यक्रम जगन के लिए शक्ति प्रदर्शन बन गया है.

इस में लगभग आठ कांग्रेसी विधायक शरीक हुए हैं जिन में दो भूत पूर्व मंत्री पिल्ली सुभाष चंद्रबोस और बी श्रीनिवास रेड्डी भी शामिल हैं.

इसके अलावा कांग्रेस से निकले फिल्म अभिनेता राजशेखर और उनकी पत्नी शामिल हैं जबकि अभिनेत्री रोजा ने भी इस कार्यक्रम शिरकत की हैं.

कई दूसरे वरिष्ठ नेता, भूतपूर्व सांसद के रामकृष्ण, कप्पू जाति के नेता एम् पद्मनाभम और प्रजा राज्यम के नेता भूमा नागी रेड्डी भी जगन के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं.

ऐसे संकेत हैं कि भूमा की पत्नी और पीआरपी की विधायक शोभा भी जगन के खेमे में आने वाली हैं.

भूख हड़ताल पर बैठने से पहले जगन ने अपने पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए.

उनके इस कार्यक्रम को एक नए राजनैतिक दल की घोषणा की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. वो अपने पिता ही की तरह किसानों के नेता बन कर उभरने की कोशिश कर रहे हैं.

इधर चंद्रबाबू नायडू निजाम्स अस्पताल में अपना आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं और डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हालत लगातार बिगडती जा रही है. मंगलवार की सुबह जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि डॉक्टर उन्हें दवा लेने के लिए कह रहे हैं लेकिन वो उस पर तैयार नहीं है.

अधिकारी अब नायडू को ज़बरदस्ती ग्लुकोज़ चढाने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि उन की जान को खतरा हो सकता है. अस्पताल के बाहर उनके हज़ारों समर्थक जमा हो रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रेक्षकों का कहना है कि नायडू और जगन दोनों ही तटीय आंध्र के किसानों की सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि तेलंगाना क्षेत्र में उनके लिए कम जगह है. तेलंगाना के लोग आम तौर पर दोनों से खुश नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अब तक तेलंगाना राज्य की मांग का समर्थन नहीं किया है.

वैसे नायडू, जगन और मुख्या मंत्री किरण कुमार रेड्डी सभी यह दावा कर रहे हैं कि वो किसान परिवार में जन्मे हैं इसी लिए वही किसानों के सच्चे दोस्त हैं.

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