नायडू की स्थिति बिगड़ी, पर अनशन जारी

  • 22 दिसंबर 2010
Image caption किसानों की समस्याओं को लेकर चंद्रबाबू नायडू आमरण अनशन पर हैं

आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल तेलुगू देशम के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू के स्वास्थ्य को लेकर सरकार की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं क्योंकि उनकी देखरेख करने वाले डॉक्टरों की टीम ने चेतावनी दी है कि पांच दिन के आमरण अनशन के बाद कभी भी नायडू की हालत नाजुक हो सकती है.

इधर हैदारबाद की एक अदालत ने अस्पताल के डॉक्टरों को अनुमति दी है कि वो नायडू की जान बचाने के लिए ज़बरन ग्लूकोज़ चढ़ा सकते हैं.

इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट में दरखास्त की थी जिस पर कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर ज़रुरत पड़ने पर जबरन ग्लूकोज़ दें और ज़रुरत पड़े तो पुलिस की मदद लें.

मंगलवार की शाम उनकी जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि नायडू को जन्म से ह्दय का एक ऐसा रोग है जिसमें रक्त में किसी बड़े परिवर्तन से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और इससे ख़तरा उत्पन्न हो सकता है. ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ शेशगिरी राव ने कहा कि नायडू के रक्त में सोडियम और पोटेशियम का स्तर में भारी परिवर्तन हो रहा है क्योंकि गत पांच दिनों से उन्होंने कोई आहार नहीं लिया है और केवल पानी पी रहे हैं.

निजाम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस के निदेशक पीवी रमेश ने कहा कि अभी तो नायडू की हालत स्थिर है लेकिन कब क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि डॉक्टर लगातार उनसे विनती कर रहे हैं कि वो कुछ आहार लेना शुरू करें लेकिन नायडू उससे इनकार कर रहे हैं.

डॉक्टरों की चिन्ता इस बात से और भी बढ़ गई है कि नायडू दिल की धड़कन पर नज़र रखने वाला उपकरण भी लगाने से इनकार कर रहे हैं.

डॉक्टर राव ने कहा कि अगर यह उपकरण नहीं लगाया गया तो समय रहते नायडू की हालत का पता नहीं चल सकेगा और डॉक्टर उनका इलाज नहीं कर सकेंगे. नायडू की इसी हालत के मद्देनज़र मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने मंगलवार की शाम तीन मंत्रियों का एक दल उनके पास भेजा था.

सविता इन्द्र रेड्डी, डॉ रवीन्द्र रेड्डी और पी सत्यनारायण के इस दल ने नायडू से अनुरोध किया कि वो आमरण अनशन तोड़ दें लेकिन नायडू ने इससे इनकार कर दिया. तेलुगू देशम पार्टी के नेता और नायडू के परिवारजन भी नायडू की जिद से परेशान हैं.

एक नेता पी केशव ने कहा कि नायडू किसी से एक शब्द सुनने के लिए तैयार नहीं हैं और बार बार कह रहे हैं कि नतीजा चाहे कुछ भी हो वो आमरण अनशन नहीं तोड़ेंगे.

पूर्व मुख्यमंत्री के रोसैया ने नायडू से अनुरोध किया है कि वो जिद छोड़ें क्योंकि देश को उनकी सेवाओं की ज़रुरत है.

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