छत्तीसगढ़ में मिला मृत बाघ

बाघ
Image caption भारत में कई राज्यों में बाघों का शिकार होता है.

छत्तीसगढ़ के कवर्धा इलाके में एक मृत बाघ मिलने के बाद राज्य के वन विभाग नें उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

रायपुर के फील्ड डायरेक्टर (वाइल्ड लाइफ) राकेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया गया है. अब तक इस मामले में सरकार नें पंडरिया के जंगलों में तैनात बीट गार्ड और सहायक रेंजर को निलंबित कर दिया है.

रविवार की देर शाम कवर्धा के पंडरिया जंगलों में एक नाले के पास पहाड़ी से एक मृत बाघ मिला था. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि बाघ का शिकार किया गया है.

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ का सर और नाखून ग़ायब पाए गए हैं.

ऐसी आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि बाघ को ज़हर देकर मारा गया हो.

वन विभाग के एक अधिकारी का कहना था, "अभी ज़हर दिए जाने की बात की पुष्टि नहीं हुई है. बाघ का "विसरा" यानी अंतड़ियाँ जांच के लिए देहरादून भेजी गई है"

सोमवार को पशु चिकित्सकों के एक दल नें बाघ की लाश की जांच भी की थी मगर कुछ पता नहीं चल पाया था. वन विभाग नें इस संबंध में स्थानीय थाने में एक मामला भी दर्ज किया है. विभाग का कहना है कि आस पास के गाँव के लोगों से पूछ ताछ की जा रही है.

ऐसे आरोप हैं कि शुरू में वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों नें बाघ की लाश को लकड़बग्घे की बताकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की. मगर रायपुर से वहाँ गए वन विभाग के एक जांच दल नें जब बाघ के होने की पुष्टि की तब विभाग में कोहराम मच गया.

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