सीबीआई के सामने पेश होंगे राजा

राजा
Image caption सीबीआई पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा से पूछताछ करेगी

2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा 24 दिसंबर को सीबीआई के सामने पेश होंगे.

चेन्नई से बुधवार को दिल्ली पहुंचने पर राजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो 24 दिसंबर की सुबह 10 बजे सीबीआई के समक्ष पेश होंगे.

राजा ने कहा कि उन्होंने सीबीआई से 24 दिसंबर को पेश होने का आग्रह किया था जिसे सीबीआई ने मान लिया है.

इससे पहले राजा ने कहा कि वो सीबीआई के साथ पूरा सहयोग करेंगे.

उल्लेखनीय है कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले को लेकर सीबीआई ने पूछताछ के लिए राजा को नोटिस भेजा था.

उस वक्त राजा ने कहा था कि चेन्नई में निजी कार्य में व्यस्त होने के कारण वह दो दिन बाद पेश होंगे.

इससे पहले सीबीआई मंगलवार को कॉर्पोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से पूछताछ कर चुकी है.

विपक्ष का निशाना

इधर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिल्ली में एक रैली आयोजित की जिसमें उसने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा कि 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले के मामले में या तो वो संयुक्त संसदीय समिति का गठन करें या फिर पद से इस्तीफ़ा दें.

रैली को संबोधित करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन को बीजेपी गांव गांव तक ले जाएगी.

बीजेपी नेता अरुण जेटली का कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री को इस मामले में स्थिति साफ़ करनी चाहिए. वो जेपीसी के गठन से क्यों इनकार कर रहे हैं. उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा देना चाहिए क्योंकि वो 2जी भ्रष्टाचार के बारे में जानते थे.’’

केंद्र सरकार ने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई और लोक लेखा समिति से जांच की घोषणा की है लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नहीं है.

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर संसद का शीतकालीन सत्र भी चलने नहीं दिया था.

संसद में विपक्षी दलों ने बार बार जेपीसी की मांग की और एक भी दिन संसद चलने नहीं दी थी. केंद्र इस मामले में जेपीसी से जांच पर राजी़ नहीं है.

भाजपा का आरोप है कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के अलावा यूपीए सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान घोटाला हुआ और महाराष्ट्र में आदर्श सोसायटी जैसे मामले सामने आए हैं.

इन मामलों में कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन किसी को अभी तक सज़ा नहीं हुई है.

हालांकि आदर्श सोसायटी मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को कुर्सी भी गंवानी पड़ी है.

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