गूजरों ने एक और रेलमार्ग को रोका

आंदोलनरत गूजर (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption गूजर आंदोलन में पहले भी यातायात प्रभावित होता रहा है

राजस्थान में आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे गूजरों ने मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग के बाद अब दिल्ली-जयपुर मार्ग पर भी धरना देकर रेल यात्रा को ठप कर दिया है.

इसकी वजह से कई ट्रेनों को जगह-जगह रोकना पड़ा है. कहा जा रहा है कि इसकी वजह से क़रीब 20 ट्रेनों पर असर पड़ेगा.

इससे पहले गूजरों ने मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग को बंद कर रखा है जिससे बहुत सी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.

इस बीच राजस्थान सरकार ने आंदोलनकारी गूजर नेताओं से बातचीत की पेशकश की है.

कई ट्रेनें प्रभावित

गूजरों ने शुक्रवार को दिनभर दौसा बंद रखा.

इसके अलावा उन्होंने दिल्ली-जयपुर मार्ग पर बांदेकुई स्टेशन की ओर जाकर वहाँ पटरी पर धरना दे दिया. इसकी वजह से इस मार्ग पर रेल यातायात ठप्प हो गया.

पूजा एक्सप्रेस और अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस को रास्ते में ही रोक दिया गया है.

किरोड़ी सिंह बैंसला अपने समुदाय के लोगों के साथ भरतपुर ज़िले में दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कब्ज़ा करे बैठे है और मार्ग अवरुद्ध है.

इससे भी दर्जनों ट्रेनें प्रभावित हुई हैं.

बातचीत का प्रस्ताव

इससे पहले राजस्थान सरकार ने आंदोलनकारी गूजर नेताओं से बातचीत की पेशकश की है.

इसके लिए सरकार ने तीन मंत्रियो की एक समिति गठित की है और उसे गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला से बातचीत के लिए अधिकृत किया है.

गूजरों से बातचीत करने का फ़ैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार शाम एक उच्च्च स्तरीय बैठक में लिया. गहलोत ने अपना उदयपुर दौरा पूरा कर जयपुर लौटते ही हालात की समीक्षा की और कहा कि सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए पूरी तरह सवेंदनशील है.

सरकार ने भरतपुर जिले के ज़िला अधिकारी को बातचीत का ये न्योता बैंसला तक पहुँचाने का निर्देश दिया है.

अभी सरकार के इस बातचीत के आमंत्रण पर गूजरो का क्या रुख होगा, कहना मुश्किल है.

सरकार ने ये भी कहा है कि गूजरों को सरकारी नौकरियों में पहले से मिल रहा एक फ़ीसदी आरक्षण मिलता रहेगा और बाकी चार प्रतिशत पद खाली रखे जाएँगे ताकि जब भी क़ानूनी राह आसान हो, इन पदों पर भर्ती की जा सके.

सरकार ने कहा है कि वो आरक्षण पर अदालत के निर्णय को देखेगी और इस फ़ैसले का क़ानूनी अध्ययन करा रही है जिसके बाद ही कोई फ़ैसला किया जाएगा.

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