'धमाके में इस्तेमाल' कार बरामद

अजमेर
Image caption अजमेर धमाके में तीन लोग मारे गए थे

राजस्थान पुलिस ने वो कार मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से बरामद कर ली है जो कथित तौर पर अजमेर दरगाह धमाको में इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री लाने के लिए इस्तेमाल की गई थी.

पुलिस के मुताबिक़ ये कार एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ता सुनील जोशी के कब्ज़े में थी. वर्ष 2007 में अजमेर में हुए धमाके में तीन लोग मारे गए थे और 15 घायल हुए थे.

राज्य पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा (एटीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ये कार सबूत के रूप में बरामद की गई है.

कार को इंदौर से अजमेर ले आया गया है. पुलिस के मुताबिक़ इस कार का मालिकाना इंदौर के आनंद कटारिया का था.

आरोप

आनंद से ये कार सुनील ने हासिल की और काम में लिया. सुनील की अजमेर धमाकों के बाद वर्ष 2007 में हत्या कर दी गई थी.

इस सिलसिले में देवास पुलिस ने गुजरात के हर्षद सोलंकी को गिरफ़्तार किया है. हर्षद को पहले एटीएस ने अजमेर धमाको के आरोप में पकड़ा था.

पुलिस के मुताबिक़ आनंद कटारिया अजमेर धमाकों में अभियोजन का गवाह है. आनंद ने ये सैंट्रो कार एमपी 43 सी 0903 किसी और को बेच दी थी.

पुलिस के मुताबिक़ इस कार से विस्फोटक पहले गुजरात ले जाए गए और फिर अजमेर लाए गए. पुलिस ने संकेत दिया है कि इस बारे में अभी और गिरफ्तारियाँ की जाएँगी.

पुलिस के अनुसार ये कार अभियोजन को अभियुक्तों के विरुद्ध अपराध साबित करने में बहुत मदद करेगी.

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