माओवादियों ने रेल पटरी उड़ाई

रेलवे पटरी पर विस्फोट (फ़ाइल तस्वीर)

छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा दूसरे दिन भी जारी रही और सोमवार को संदिग्ध माओवादियों नें किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग पर दंतेवाड़ा के पास रेल की पटरियों को विस्फोट से उड़ा दिया.

इस कारण एक मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने की ख़बर है. पुलिस का कहना है कि दुर्घटना में मालगाड़ी का इंजन और नौ डब्बे पटरी से उतर गए हैं जिस कारण किरंदुल-विशाखापट्नम रेल मार्ग पर यातायात ठ़प हो गया है. वही तड़के बस्तर संभाग के नारायणपुर ज़िले में माओवादियों नें दो पुलिस थानों पर हमला किया है. हमले में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

नारायणपुर ज़िला मुख्यालय से अभुझमाड़ के रास्ते पर स्थित धोड़ाई और छोटा डोंगर पुलिस थानों पर माओवादियों ने जमकर गोलीबारी की. थाने पर तैनात सुरक्षा बलों नें भी जवाबी फ़ायरिंग की.

घटना

इससे पहले रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के विभिन्न इलाक़ों में हुई नक्सली हिंसा में दो पुलिस के जवान मारे गए थे जबकि दो अन्य घायल बताए जाते हैं. घायल जवानों को रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि माओवादी हिंसा का केंद्र माने जाने वाले दंतेवाड़ा के केरलापाल में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ़ की एक टुकड़ी पर माओवादियों नें घात लगाकर हमला किया जिसमे एक जवान की मौत हो गयी जबकि दो अन्य जवानों को गोलियां लगी.

यह जवान सामुदायिक पुलिसिंग के लिए केरलापाल और उसके आसपास के गाँव जा रहे थे. पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार नक्सालियों को मार गिराया है.

लेकिन घटनास्थल से किसी भी नक्सली का शव बरामद नहीं हुआ है. पुलिस कहती है कि नक्सली अपने साथियों के शव लेकर भाग गए.

इस संभाग के ही कांकेर ज़िले के भानुप्रतापपुर में रज्य पुलिस के जवान का शव बरामद किया गया है. कहा जा रहा है कि इस जवान को शनिवार को ही माओवादियों नें अगवा किया था.

माहौल

इसके अलावा दंतेवाड़ा के सुकमा इलाके में माओवादियों के एक पथ निर्माण कंपनी की कुछ मशीनें जला देने की भी ख़बर है. यह इलाक़ा आंध्र प्रदेश से लगा हुआ है. घटना के बाद इलाक़े में दहशत का माहौल है.

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पोलित ब्यूरो के सदस्य नारायण सान्याल को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाने के आलोक में छत्तीसगढ़ में विशेष चौकसी बरती जा रही है.

पुलिस को आशंका है कि न्यायलय के फ़ैसले के ख़िलाफ़ माओवादी हिंसक वारदातों को अंजाम दे सकते हैं.

ख़ास तौर राज्य के सभी राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रायपुर को बस्तर से जोड़ने वाले रामार्ग पर जगह-जगह पर पुलिस अवरोध लगाकर वाहनों की तलाशी कर रही है.

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