तेलंगाना: चंद्रशेखर राव ने फिर चेताया

तेलंगाना के लिए आंदोलन (फ़ाइल फ़ोटो)

अलग तेलंगाना राज्य बनाने के मुद्दे पर गठित श्रीकृष्ण समिति अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री पी चिदंबरम को पेश करने वाली है. बुधवार को समिति की आख़िरी बैठक में उसने लगभाग 600 पन्नों की रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया.

इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वरिष्ठ मंत्रियों - प्रणब मुखर्जी, एके एंटनी और चिदंबरम के साथ एक बैठक में तेलंगाना के मुद्दे पर स्थिति का जायज़ा लिया.

हैदराबाद में बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ के अनुसार इसी के साथ आंध्र प्रदेश में भी राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई. तेलंगाना राष्ट्र समिति, तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति और तेलंगाना प्रजा फ्रंट की अलग-अलग बैठकें हुईं जिनमें भविष्य की रणनीति पर विचार हुआ.

लोकतंत्र में विश्वास

टीआरएस के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने केंद्र को चेतावनी दी, "यदि संसद में गत वर्ष किया गया वादा नहीं निभाया गया और तेलंगाना अलग राज्य नहीं बना तो तेलंगाना की जनता लोकतंत्र में विश्वास खो बैठेगी. तेलंगाना के लोग केवल इतना चाहते हैं की उनका अपना राज्य उन्हें मिल जाए. श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोई कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी."

उन्होंने अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर गहरी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा सवाल उठाया कि इसका मक़सद क्या है. उनका कहना था, "क्या आप तेलंगाना और उस के लोगों को इसी तरह ग़ुलाम बनाकर रखना चाहते हैं. ये भड़काने वाला क़दम है और इन दलों को वापस बुला लेना चाहिए."

उन्होंने कहा की तेलंगाना संयुक्त कार्यसमिति और टीआरएस स्पष्ट कर चुके हैं कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा और किसी को हिंसा करने के लिए भड़काया नहीं जाएगा.

'लोग डरने वाले नहीं हैं'

उन्होंने इस बात की भी निंदा की के तेलंगाना में पुलिस लोगों की आवाजाही पर पाबंदियाँ लगा रही है लेकिन इससे लोग डरने वाले नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि लोग अपनी ताकत का एहसास रखें और जिस तरह से आमरण अनशन के बाद छात्रों के विरुद्ध तमाम मामले वापस लेने पर सरकार मजबूर हुई है उसी तरह अलग तेलंगाना राज्य बनाने पर सरकार को मजबूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा की यदि अब भी तेलंगाना नहीं बनता है तो तेलंगाना क्षेत्र के सभी विधायकों और सांसदों को त्यागपत्र दे देना चाहिए.

बढ़ते हुए तनाव को देखते हुए हैदराबाद में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं. हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अब्दुल कय्यूम ख़ान ने बीबीसी को बताया कि अर्धसैनिक बालों की 18 कंपनियाँ शहर में तैनात की जा रही है.उन्होंने कहा की जो लोग श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, वो लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन कर सकते हैं लेकिन किसी को हिंसा की अनुमति नहीं होगी.

संबंधित समाचार