गतिरोध समाप्त करने की कोशिश

Image caption लोक सभा स्पीकर मीरा कुमार गतिरोध तोड़ना चाहती हैं

टू जी स्पैक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जाँच की माँग को लेकर चल रहे गतिरोध की छाया बजट सत्र पर न पड़े इसके मद्देनज़र लोक सभा स्पीकर मीरा कुमार ने पहल की है.

उन्होंने इस संबंध में सरकार और विपक्षी नेताओं से बातचीत शुरू की है.

गुरुवार को मीरा कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं को भोज पर आमंत्रित किया है, साथ ही उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल और लोकसभा के नेता प्रणव मुखर्जी को न्योता दिया है.

भाजपा की ओर से भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और लोक सभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को बुलाया गया है.

इनके अलावा मीरा कुमार शुक्रवार को अन्य विपक्षी नेताओं से मुलाक़ात करेंगी.

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह प्रणव मुखर्जी ने 2 जी स्पैक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी से जाँच कराने के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने का विचार रखा था, लेकिन विपक्ष ने इसे ठुकरा दिया था.

बजट सत्र पर संकट

उल्लेखनीय है फ़रवरी में संसद का बजट सत्र है और विपक्ष ने धमकी दे रखी है कि वो इस सत्र की कार्यवाही भी नहीं चलने देंगे.

सरकार चाहती है कि 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले की जाँच लोक लेखा समिति (पीएसी) करे लेकिन विपक्ष इधर मामले की जेपीसी से कराने पर अड़ा है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2जी स्पैक्ट्रम मामले में सोमवार को पत्र लिखकर पीएसी के समक्ष पेश होने की पेशकश की थी.

इसके जवाब में सुषमा स्वराज ने टि्वटर पर लिखा कि लोक सभा नियमों के अनुसार पीएसी प्रधानमंत्री को तो बुला सकती है लेकिन किसी मंत्री को तलब नहीं कर सकती, इसलिए प्रधानमंत्री की पेशकश का कोई मतलब नहीं है.

सुषमा स्वराज का कहना है कि पीएसी खातों की जाँच करती है जबकि जेपीसी जवाबदेही और प्रशासनिक मुद्दों की जाँच करती है और उनकी पार्टी जेपीसी से जाँच के अलावा किसी और बात पर सहमत नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी भाजपा में 2-जी स्पैक्ट्रम घोटाले को लेकर काफ़ी तकरार होती रही है.

पिछले दिनों कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि स्पैक्ट्रम लाइसेंस आबंटन का मामला 2001 से चल रहा है और उस समय भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार थी.

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