गूजर नेताओं से तीसरे दौर की वार्ता

गूजर नेता

राजस्थान में आंदोलनकारी गूजर नेताओं और सरकार के बीच जयपुर में तीसरे दौर की बातचीत शुरू हो गई है. इसके लिए गूजर नेताओं ने 50 से ज़्यादा लोगों का एक दल जयपुर भेजा है.

ये बातचीत चौथे दौर की निर्णायक बैठक की भूमिका तैयार करेगी. गूजर अब भी आरक्षण की अपनी मांग को लेकर मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग को रोके बैठे हुए हैं.

गूजर नेता काफ़ी ना-नुकर के बाद बातचीत के टेबल पर आने को तैयार हुए. सरकार उनसे लगातार बातचीत के लिए अपील कर रही थी.

लेकिन पहले उन्होंने कांग्रेस के गूजर नेताओ को मध्यस्थ बनाने की शर्त रखी. लेकिन रविवार को एकाएक गूजर नेताओं का मन बदला और उन्होंने अपना एक भारी भरकम प्रतिनिधिमंडल जयपुर भेज दिया.

बातचीत

इस दल को एक सरकारी होटल में ठहराया गया है. जयपुर आने के बाद ये दल राज्य सचिवालय पहुँचा और तीन मंत्रियो की समिति से बातचीत शुरू की.

सरकार की ओर से गृह मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री ब्रज किशोर शर्मा और ऊर्जा मंत्री जितेंद्र सिंह बातचीत में शामिल है. इनमें उर्जा मंत्री गूजर समाज से है.

गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला इस बातचीत में शामिल नहीं हैं. गूजर नेताओं के मुताबिक़ अगर तीसरे दौर में बात बनीं तो बैंसला चोथे दौर की वार्ता में शामिल हो सकते हैं. गूजर अपनी बिरादरी के लिए सरकारी नौकरियों में पांच फ़ीसदी आरक्षण मांग रहे हैं. इसे लेकर वे पिछले 13 दिन से कहीं सड़क और कहीं रेल मार्ग रोके हुए हैं.

अब उनका रास्ता रोकने का विरोध कुछ कम हुआ है. इससे पहले पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी राज के दौरान भी गूजर समुदाय ने दो बार आंदोलन किया और इसमें हिंसा भी हुई. हिंसा में उस समय 70 लोग मारे गए थे.

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