बस दुर्घटना में 22 की मौत

बस दुर्घटना (फाइल फोटो)
Image caption खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं.

देहरादून मसूरी मार्ग पर एक यात्री बस के खाई में गिर जाने से 22 से अधिक लोगों की मौत हो गई है.

मरने वालों में ज़्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं. ये पर्यटक हरिद्वार के थे. ये बस मसूरी से हरिद्वार को लौट रही थी जब कोल्हूखेत के पास रात नौ बजे के करीब खाई में जा गिरी.

ये यात्री बस आठ बसों के उस काफिले का हिस्सा थी जो बुधवार की सुबह हरिद्वार से चला था.

हरिद्वार में बुधवार को बाज़ार बंद रहते हैं और हरिद्वार के भीमगौड़ा व्यापार मंडल के सदस्य अपने परिवार के लोगों के साथ नए साल के उपलक्ष्य में मसूरी सैर के लिये आए थे.

बताया जाता है कि इस काफिले में 300 लोग थे और जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई उसमें ज्यादातर व्यापारियों के परिवार थे.

दुर्घटना की सूचना मिलते ही आईटीबीपी, पुलिस और ऐंबुलेंस सेवाएं वहां पंहुच गईं.

दुर्घटना स्थल से ही आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट सुरेंद्र पंवार ने बीबीसी को फोन पर बताया, “करीब 35 लोगों को निकाला जा चुका है जिनमें से कुछ की हालत बहुत गंभीर है. अंधेरे के कारण लोगों की तलाश करने में दिक्कत आ रही है.”

स्थानीय लोग भी मौके पर राहत और बचाव के काम में जुटे हैं. इन्हीं में से एक हैं भगवान सिंह जो घटनास्थल के पास एक चाय की दूकान चलाते हैं.

उनका कहना है, “हमले 13 लाशें निकालीं और उन्हें बस में डाला. ड्राइवर का अब तक पता नहीं है.”

घायलों को देहरादून के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया है. हाल जानने वहां पहुंचे मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने संवेदना प्रकट करते हुए मरनेवालों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

बस खाई में कैसे गिर गई इसका अभी पता नहीं चल पाया है.

देहरादून मसूरी मार्ग पर तीखे मोड़ हैं और ये पूरा रास्ता घुमावदार है. यहां तेज़ गति से वाहन न चलाने और ब्रेक पर नियंत्रण रखने की हिदायत दी जाती है. इस बारे में सड़क के किनारों पर साइनबोर्ड भी लगे रहते हैं.

इसके अलावा पहाड़ी रास्तों पर शाम सात बजे के बाद बसें नहीं चलने का निर्देश भी सरकार की ओर से है लेकिन निर्देशों की अवहेलना गाहेबगाहे होती रही है.

सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं.

बच्चों और महिलाओं से भरी बस को रात के समय क्यों पहाड़ी रास्ते पर गुज़रने की अनुमति दी गई इसकी भी जांच की जाएगी.

देहरादून और हरिद्वार में देर रात तक अस्पताल में घायलों और मृतकों के परिजनों का तांता लगा हुआ है और हर तरफ़ चीखपुकार मची हुई है.

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