तेलंगाना समर्थकों ने रिपोर्ट ठुकराई

  • 6 जनवरी 2011
तेलंगाना के लिए प्रदर्शन

दक्षिणी राज्य आंध्रप्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर गठित श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई है.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने इस रिपोर्ट को दिल्ली में आंध्रप्रदेश के सांसदों की एक सर्वदलीय बैठक में रखते हुए इसमें दिए गए सुझावों पर चर्चा की.

समिति ने इस मामले में सरकार के सामने लगभग सभी संभव रास्ते रखे हैं और सभी सुझावों से संबंधित फ़ायदों और नुकसान का ज़िक्र किया है.

प्रमुख सुझाव

समिति ने सरकार को छह सुझाव दिए हैं.

पहला सुझाव है कि आंध्रप्रदेश को ज्यों का त्यों एक संगठित राज्य रखा जाए.

दूसरा सुझाव है कि आंध्र प्रदेश का सीमांध्रा और तेलंगाना में विभाजित किया जाए और हैदराबाद को केंद्र प्रशासित बनाया जाए.

तीसरे सुझाव के तहत आंध्र प्रदेश को रायल तेलंगाना और तटीय आंध्र क्षेत्र में विभाजन किया जाए, जिसमें हैदराबाद, रायल तेलंगाना का हिस्सा हो.

चौथा सुझाव है कि आंध्र प्रदेश को सीमांध्रा और तेलंगाना में विभाजित किया जाए जिसमें हैदराबाद महानगर को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए. इस केंद्र शासित प्रदेश में तीन ज़िलों रंगा रेड्डी, महबूबनगर और नलगोंडा को शामिल किया जाए.

पांचवे सुझाव के तहत आंध्र प्रदेश को सीमांध्रा और तेलंगाना की मौजूदा सीमाओं को बरकरार रखते हुए विभाजित किया जाए, जिसमें हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी हो और सीमांध्रा की नई राजधानी बनाई जाए.

छठा सुझाव है कि राज्य को एक रखा जाए, साथ ही तेलंगाना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास और राजनैतिक सशक्तिकरण के लिए कुछ संवैधानिक और वैधानिक क़दम उठाए जाएं और तेलंगाना क्षेत्रीय काउंसिल का गठन किया जाए.

विरोध

ये समितियां सरकारी नौकरियों, नदियों के जल और दूसरे विवादित विषयों के मुद्दे पर तेलंगाना क्षेत्र के साथ न्याय को आश्वासित करेंगी.

हालांकि कई तेलंगाना समर्थक संगठनों ने शुरुआती दौर में ही श्रीकृष्ण समिति के इन सुझावों को रद्द कर दिया है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के महासचिव तारका रामराव ने कहा है की तेलंगाना के लोग उस समय तक आंदोलन चलाएंगे जब तक केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की स्थापना के लिए संसद में बिल पेश नहीं कर देती.

उन्होंने कहा, ''श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट से हमारा कोई लेनादेना नहीं है और अब हमारा सारा ध्यान आंदोलन पर केन्द्रित रहेगा.''

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर कोदंडा राम का कहना है, ''अब केवल आंदोलन का रास्ता बचा हुआ है लेकिन यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा.''

तेलंगना संयुक्त संघर्ष समिति ने आज हैदराबाद में एक महाधरने का आयोजन किया है जिसमें तमाम संगठनों के नेता भाग ले रहे हैं.

सर्वदलीय बैठक

तेलंगाना के सरकारी कर्मचारियों की यूनियन के अध्यक्ष स्वामी गौड़ ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी अपना काम रोक देंगे और असहयोग के ज़रिए काम-काज ठप कर दिया जाएगा. उनका कहना है कि प्रशासन को भी निलंबित कर दिया जाएगा.

इस बीच तेलंगाना आंदोलन का गढ़ माने जाने वाला उस्मानिया विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है.

कल रात कुछ अज्ञात व्यक्तिओं ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बस जला दी दो बसों के शीशे तोड़ डाले जिस के बाद वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

तेलंगाना क्षेत्र के अन्य मुख्य केंद्रों वारंगल, निज़ामाबाद और मेदक में भी तनाव बढ़ गया है और हर जगह लोग श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट पर ही चर्चा कर रहे हैं.

गृहमंत्री ने कहा है कि जनवरी के अंत तक इस मसले पर एक और सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी.

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