माँ ने लगाई बेटी के लिए गुहार

रूपम पाठक
Image caption रूपम पाठक ने चाकू मार कर राजकिशोर केसरी की हत्या कर दी

कथित यौन शोषण से त्रस्त अपनी बेटी के बचाव में एक माँ ने सामने आकर न सिर्फ़ न्याय की गुहार लगाई है, बल्कि ऐसे यौनाचार का मुखर प्रतिरोध भी किया है.

पूर्णिया (बिहार) के भाजपा विधायक राजकिशोर केसरी को वहाँ की एक शिक्षिका रूपम पाठक ने कुछ दिन पहले सरेआम चाकू घोंप कर मार डाला था.

गिरफ़्तारी के समय पुलिस की मौजूदगी में घटनास्थल पर केसरी समर्थकों की भीड़ ने इस महिला को पीट-पीट कर घायल कर दिया था.

दो दिनों तक इलाज कराने के बाद शिक्षिका को स्थानीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने अगली सुनवाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.अब 40 वर्षीया रूपम पाठक की बूढ़ी माँ कुमुद मिश्र ने अपनी बेटी के इस दुस्साहस भरे आपराधिक क़दम को जायज़ ठहराया है.

उन्होंने कहा है,''ये हत्या यौन प्रताड़ना से पीड़ित मेरी बेटी द्वारा प्रतिरोध में क़ायम की गई एक मिसाल है.उसके पास और कोई चारा नहीं रह गया था.''

कुमुद मिश्र ने राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य महिला आयोग के दफ्तरों में जा कर अपने आवेदन पत्र सौंपे और मांग कि है कि उनकी बेटी को मानवाधिकार के तहत न्याय मिले और हिरासत में किसी तरह की यातना से बचाया जाए.

उलझा मामला

Image caption राजकिशोर केसरी पर यौन दुराचार का आरोप था

उधर इस हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने एक स्थानीय अंग्रेज़ी पत्रिका के संपादक नवलेश पाठक को गिरफ्तार कर लिया है. इस पत्रिका में सबसे पहले रूपम पाठक का एक बयान छपा था.

बयान में आरोप था कि पूर्णिया के विधायक राजकिशोर केसरी और उनके सहयोगी बिपिन राय अकसर डरा-धमका कर उनका (रूपम का ) यौन शोषण करते रहे हैं.

पिछले साल के मध्य में ये ख़बर चर्चा में आई थी और उसके बाद रूपम पाठक ने यौन शोषण की शिकायत लेकर विधायक केसरी और बिपिन राय के ख़िलाफ़ एक मामला भी दर्ज कराया था.

हालांकि अपने जीवनकाल के दौरान राजकिशोर केसरी और उनका दल भाजपा लगातार उन पर लगे आरोपों से इनकार करते रहे. केसरी का कहना था कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनके चरित्र को धूमिल करने की साज़िश की गई है.

बाद में रूपम पाठक ने बयान दिया था कि उनके बेटे-बेटी के अपहरण और हत्या तक की कथित धमकियाँ मिलने लगीं जिसके बाद उन्हें अपनी शिकायतें वापस लेने को विवश होना पड़ा था.

इस बीच राज्य के कई महिला संगठनों ने पटना में प्रेस कॉफ्रेंस बुलाकर ये चौकाने वाली बात कही है कि जब रूपम पाठक की 18 वर्षीया बेटी के साथ हाल ही दुष्कर्म हुआ, तब वह आपे से बाहर हो कर मरने-मारने पर उतारू हो गई.

महिला संगठनों और वामपंथी दलों ने इस प्रकरण में एक साथ मिलकर राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर हमला-सा बोल दिया है.

इनका आरोप है कि भाजपा विधायक केसरी की हत्या के फ़ौरन बाद सुशील मोदी ने रूपम पाठक में चारित्रिक और मानसिक दोष निकालने शुरू कर दिए और उन्हें 'ब्लैकमेलर' तक कह दिया.

विपक्षी दलों ने मामले को बेहद गंभीर बताकर इसकी न्यायिक या सीबीआई जाँच कराने की मांग की है.

इनका ये भी आरोप है कि बिहार में सत्ता की भागीदार भाजपा रूपम पाठक पर हुए कथित यौन अत्याचार को रफा-दफ़ा करवाने में पुलिस तंत्र का दुरूपयोग कर रही है.

संबंधित समाचार