उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का कहर

  • 9 जनवरी 2011
Image caption घने कोहरे के कारण क़रीब 100 रेलगाड़िया देरी से चल रही है और पाँच का समय बदला गया है

उत्तर भारत में लोगों को कड़कड़ाती ठंड के साथ-साथ कोहरे की मार भी झेलनी पड़ रही है.

शनिवार को राजधानी दिल्ली घने कोहरे की चादर में लिपटी नज़र आई और यही हाल उत्तरी भारत के बड़े इलाक़े में रहा.

लुढ़के पारे और शीत लहरों ने दिल्लीवासियों को तो परेशान किया ही इसका असर ट्रेन और उड़ानों की आवाजाही पर भी अच्छा ख़ासा पडा.

सड़कों पर गाड़ियाँ रेंगती नज़र आईं.

रेल-विमान सेवा बाधित

उत्तर रेलवे ज़ोन के अधिकारियों का कहना है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाक़ों में गहरा कोहरा होने की वजह से रेल यातायात बाधित हो रहा है.

घने कोहरे के कारण क़रीब 100 रेलगाड़िया देरी से चल रही हैं और कई रेलगाड़ियों का समय बदला गया है.

शनिवार को कोहरे का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा. लगभग 40 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने प्रभावित हुईं जिसकी कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

दिल्ली सरकार ने बच्चों को सर्दी के कहर से बचाने के लिए स्कूलों की छुट्टियां 10 जनवरी से बढ़ा कर 13 जनवरी तक कर दी है.

Image caption इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए आपको हर गली और सड़क के किनारे अलाव से घिरे लोग दिख जाएंगे

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार झारखंड की राजधानी रांची की सीमा पर स्थित कांके में पहली बार पारा शून्य डिग्री दर्ज किया गया.

उत्तर और पश्चिम से आ रही बर्फ़ीली हवाओं की वजह से बिहार के किशनगंज में एक की मौत हो चुकी है और पटना और सारन ज़िले में पारा चार से पाँच डिग्री के बीच झूल रहा है.

जनजीवन प्रभावित

राजस्थान में भी सर्दी का सितम जारी है और यहां बीकानेर में तापमान सबसे न्यूनतम शून्य से दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया.

उड़ीसा में ठंड के प्रकोप के चलते राज्य सरकार ने सुबह की कक्षाएँ न लगाने के आदेश दिए हैं.

राज्य के कंधमाल और कीओंजर में तो ओले भी पड़े हैं.

सामाचार एजेंसी के मुताबिक़ उत्तरप्रदेश में तो कहर ढहाती ठंड के कारण छह और लोगों की मौत हो गई है जिससे अब तक कुल मिलाकर वहां 68 लोगों की मौत हो चुकी है.

हड्डी गलाने वाली शीत लहरों और कोहरे ने हरियाणा ,पंजाब और चंढ़ीगढ़ में भी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है.

कश्मीर में कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है वहीं डल झील का एक बड़ा भाग जम गया है.

300 किलोमीटर लंबे जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय हाइवे को भारी बर्फ़बारी के कारण बंद कर दिया गया है. ये हाइवे कश्मीर को देश के दूसरे भागों से जोड़ता है.

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