पश्चिम बंगाल:चुनाव आयोग चिंतित

ममता बैनर्जी
Image caption अपने कार्यकर्ताओं के शवों को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया था

शक्रवार को पश्चिम बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने राज्य में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई है.

उन्होंने कहा है कि वहां चुनाव की तारीखों की घोषणा 'उपयुक्त समय' पर की जाएगी.

एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के राज्य में क़ानून की स्थिति के सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त क़ुरैशी का कहना था, '' बेशक हम बेहद चिंतित हैं. हम राज्य में स्थिति पर नज़र रखें हुए है ताकि विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों को तय किया जा सके और वहां निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीक़े से चुनाव हो सके.''

शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लालगढ़ ज़िले में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) और प्रमुख विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में कम से कम आठ लोगों की मौत हो हई थी और कई अन्य घायल हुए थे.

Image caption ममता बैनर्जी ने शनिवार को घायलों और मृतक के परिवारवालों से मुलाकात की.

क़ुरैशी का कहना था कि चुनाव की तारीखों का फ़ैसला लेने से पहले हमें राज्य में होने वाली परीक्षाओं, त्योहार और सुरक्षाबलों की तैनाती के बारे में विचार करना होगा.

उनका कहना था कि कई राजनैतिक पार्टियों ने मुलाक़ात के दौरान राज्य में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई है.

विपक्ष के इस आरोप पर कि राज्य में हथियारों से लैस सीपीएम कार्यकर्ताओं के कैंप मौजूद हैं, क़ुरैशी का कहना था कि इस मुद्दे पर आयोग अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है.

क़ुरैशी का कहना था, '' हमने पुलिस अधिकारियों को वहां तलाशी कर अवैध हथियारों और शराब ज़ब्त करने के निर्देश दिए है.''

संयम की सलाह

इस घटना के एक दिन बाद राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने कहा है कि ये घटना नहीं होनी चाहिए थी और सभी पार्टियों से संयम बरतने को कहा.

उनका कहना था,'' पश्चिमी मिदनापुर में जो हुआ वो ठीक नहीं था.ये घटना नहीं होनी चाहिए थी. ये ख़ूनखराबा रूकना चाहिए नहीं तो विकास के सभी कार्य रूक जाएंगे. सभी पार्टियों को संयम बरतना चाहिए.''

इस बीच केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बैनर्जी ने शनिवार को घायलों और मृतक के परिवारवालों से मुलाक़ात की.

शुक्रवार को गृहमंत्री पी चिंदबरम ने लालगढ़ में हुई हिंसा पर चिंता जताते हुए बुद्धदेब भट्टाचार्य को स्थिति की समीक्षा के लिए जल्द से जल्द दिल्ली आने को कहा था.

लेकिन मुख्यमंत्री शनिवार को दिल्ली नहीं पहूँचे.

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