राहुल का यूपी दौरा

  • 11 जनवरी 2011
राहुल गांधी
Image caption राहुल गांधी ने यूपी में दो दिनों में पांच शहरों का दौरा किया है.

राहुल गांधी ने भीषण सर्दी के माहौल में दो दिनों में राज्य के पांच शहरों का दौरा करके उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है.

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने इन दो दिनों में पांच शहरों - बनारस, इलाहाबाद, लखनऊ, झांसी और आगरा में छात्र छात्राओं से सीधे बातचीत करके उन्हें सक्रिय राजनीति से जुड़़ने के लिए प्रेरित किया.

दूसरी ओर विरोधी दलों से जुड़े छात्र संगठनों ने उनके खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को जगह जगह लाठी चार्ज और गिरफ्तारियां करनी पड़ीं.

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं. समझा जाता है राहुल गांधी उससे पहले राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

राहुल गांधी की इस यात्रा का आखिरी पड़ाव आगरा था, जहां उन्होंने सूरसदन सभागार में लगभग एक हज़ार छात्रों को संबोधित किया और उनके सवालों के जवाब दिए.

अपने पूरे दौरे में राहुल गांधी ने सभी जगह छात्रों का आह्वान किया कि वे देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय राजनीति में शामिल हों तभी राजनीति की दिशा में परिवर्तन हो सकता है.

राहुल गांधी ने सभी जगह छात्रों के सवालों के जवाब दिए, लेकिन भ्रष्टाचार और मंहगाई के सवाल टाल गए. महंगाई रोकने के लिए उन्होंने राज्य सरकारों को जिम्मेदार बताया.

राहुल गांधी ने छात्रों को मातृभाषा हिन्दी के साथ अंग्रेजी भी सीखने की सलाह दी.

लखनऊ में राहुल गांधी ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास रवीन्द्रालय सभागार में चुनिन्दा छात्र छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया.

राहुल का विरोध

इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरु इंजीनियरिंग कालेज और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छात्रों से रूबरू हुए.

बनारस में छात्रों से बातचीत में राहुल गांधी ने माना कि राजनीति बहुत गंदी है. लेकिन उनका कहना था कि राजनीति से दूर रहकर तो सुधार नहीं हो सकता.

राहुल गांधी कांग्रेस में युवा मामलों के प्रभारी हैं. छात्रों के साथ सीधे संवाद के इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस से जुड़े राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने किया.

उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में छात्र संघ प्रतिबंधित हैं. राहुल गांधी कोशिश कर रहे हैं कि कम से कम केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में निर्वाचित छात्र संघ हो जाएँ. माना जाता है कि राहुल गांधी के प्रयास से ही अलीगढ मुस्लिम विश्विद्यालय में छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं.

एक लंबे अरसे बाद राहुल गांधी पहले ऐसे वरिष्ठ नेता हैं जो छात्रों को राजनीति से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. पर यह बात उत्तर प्रदेश में विभिन्न दलों से जुड़े छात्र एवं युवा संगठनों को पसंद नही आ रही है.

समाजवादी छात्र सभा, विद्यार्थी पारिषद और आल इण्डिया स्टुडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए.

उन्होंने ‘राहुल गांधी वापस जाओ’ के नारे लगाए. ये लोग देश में भ्रष्टाचार और महंगाई के लिए राहुल गांधी की आलोचना कर रहे थे.

विरोध प्रदर्शन को विफल करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करके कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया. झांसी में बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया. ये लोग अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग कर रहे थे.

काँग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने विरोध प्रदर्शन करने वालों की आलोचना करते हुए इसे विपक्ष की घबराहट का परिचायक बताया.

उधर सामजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने एक बयान में आरोप लगाया कि देश के मौजूदा हालात के लिए कांग्रेस की नीतियां ही दोषी हैं और कांग्रेस ने ही लोकतंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है.

आरोप प्रत्यारोप अपनी जगह पर हैं लेकिन इतना तो तय है कि भीषण सर्दी के माहौल में राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा दी है.

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