'आरुषि को इंसाफ़ मिलना चाहिए'

राजेश और नुपुर तलवार
Image caption राजेश और नुपुर तलवार की बेटी की हत्या 2008 में हुई थी

आरुषि तलवार हत्याकांड में शक के घेरे में आए आरुषि के माता-पिता कहते हैं कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वो अपनी बेटी के लिए इंसाफ़ की लड़ाई लड़ते रहेंगे.

हाल ही में सीबीआई ने अपनी समापन रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल करते हुए इस केस को बंद करने की सिफ़ारिश की थी क्योंकि इससे जुड़े पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाए.

लेकिन साथ ही सीबीआई ने कहा है कि शक की सुई आरुषि के पिता राजेश तलवार की तरफ़ भी है.

अरुषि के माता पिता से बातचीत सुनिए

इससे पहले भी आरुषि के माता-पिता शक के दायरे में आते रहे हैं. राजेश तलवार को आरुषि की हत्या के बाद 23 मई 2008 को गिरफ़्तार भी किया गया था लेकिन कुछ साबित न हो पाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

राजेश तलवार ने हाल ही में बीबीसी से एक ख़ास बातचीत में कहा, "मैंने सब टेस्ट करवा लिए हैं चाहे वो नार्को हो, लाइ डिटेक्टर या फिर ब्रेन मैपिंग. मैंने पहले पुलिस से और फिर सीबीआई से पूरा सहयोग किया. लेकिन फिर भी आप शक करेंगे तो आदमी करेगा क्या. हम नहीं चाहते कि ये केस बंद हो क्योंकि आरुषि का क़ातिल पकड़ा जाना ज़रूरी है."

राजेश तलवार ने अपने बचाव में कहा, "हमारे देश में जब तक आप पर आरोप साबित नहीं होता तब तक आप बेगुनाह होते हैं लेकिन ये एक ऐसा केस है जिसमें मुझे बार-बार अपनी बेगुनाही साबित करनी पड़ रही है. सब बिना किसी सबूत के आरोप लगाए जा रहे हैं."

आरोप ये भी लगे थे कि आरुषि की हत्या के बाद तलवार दंपत्ति पुलिस को छत की चाबी तुरंत देने में असफल रहे. छत पर ही उनके घर के नौकर हेमराज की लाश पाई गई थी.

इस बारे में नुपुर तलवार ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि पुलिस को कोई दरवाज़ा खोलने के लिए चाबी का इंतज़ार करना पड़ता है. आरुषि को उस हालत में देखने के बाद हमें होश ही नहीं था. पुलिस चाहती तो ताला तोड़ सकती थी."

नुपुर तलवार कहती हैं कि उन्हें ये याद नहीं कि हत्या की रात को आरुषि के कमरे की चाबी उनके पास थी या नहीं.

नुपुर तलवार ने बीबीसी को बताया, "ये बार-बार कई टेस्ट के दौरान मुझसे पूछा गया है और मैं बता चुकी हूं कि रात को 11.15 और 11.30 के बीच मैं आरुषि के कमरे में राउटर ऑन करने गई थी. उसके बाद हो सकता है कि चाबी उसके कमरे के दरवाज़े पर रह गई हो. और शायद इसी वजह से क़ातिल ने इस बात का फ़ायदा उठाया."

नुपुर तलवार आगे कहती हैं, "ये एक ऐसा ताला है जो हमारे घर के हर कमरे में था. जिसके पास चाबी हो वो कमरे में दाखिल हो सकता है और जो कमरे के अंदर है वो भी बाहर आ सकता है."

तलवार दंपत्ति की वकील रेबेक्का जॉन ने कहा, "वो घर अब भी उसी हालत में पड़ा है. ये अब वहां नहीं रहते. कोई भी अब भी जाकर वहां का सर्वेक्षण कर सकता है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ उसके माता-पिता ही आरुषि का दरवाज़ा खोल सकते थे. आरुषि भी उसे अंदर से खोल सकती थी. और जैसा नुपुर ने जांच के दौरान कहा है संभव है कि वो चाबी आरुषि के दरवाज़े पर लगी रह गई हो."

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में राजेश तलवार पर शक उठाया है और इससे पहले शक के दायरे में रहे राजकुमार, कृष्णा और विजय मंडल को दोषी नहीं माना है.

अब इस केस की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी.

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