सबसे गर्म साल रहा 2010

इनदिनों भले ही भारत के कई हिस्से कंपकंपा देने वाली ठंड से परेशान हैं लेकिन इसी बीच भारतीय मौसम विभाग ने ख़बर दी है कि 1901 के बाद से वर्ष 2010 सबसे गर्म साल रहा है.

भारत में मौसम संबंधी जानकारी 1901 से ही उपलब्ध है.

मौसम विभाग का कहना है कि भारत के लिए 2010 में सालाना मध्यवर्ति (मीन) तापमान 1961-1990 के बीच के समय से 0.93 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रहा.पिछले साल मॉनसून से पहले मार्च से लेकर मई तक का समय सबसे गर्म रहा जब तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री ज़्यादा था.

भारत के कई हिस्सों को 2010 में ज़बरदस्त गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ा था. कुछ जगहों पर पारा 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया था. राजधानी दिल्ली में ही तापमान 45 के पार चला गया था और कई लोगों की गर्मी के कारण मौत भी हुई थी.

बढ़ता तापमान

मौसम विभाग के निदेशक अजीत त्यागी ने ये भी बताया है कि 2001-2010 वाला दशक सबसे गर्म दशक रहा है जब तापमान 0.40 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रहा.

अध्ययन से पता चलता है कि 2010 में आमतौर पर पूरे देश में औसत सालाना तापमान सामान्य से अधिक रहा है, ख़ासकर उत्तर और मध्य भारत में.

जानकारी के मुताबिक 2010 में उत्तर और मध्य भारत में तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा रहा जबकि अन्य भागों में शून्य से एक डिग्री के बीच अधिक दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के निदेशक ने ये भी बताया है कि 2001-2010 वाला दशक सबसे गर्म दशक रहा है जिस तापमान 0.40 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा था.

अगर बारिश की बात करें तो पूरे देश के लिए सालाना बारिश 2010 में सामान्य रही है.

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