हिंसा पर सरकार को हिदायत

तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन
Image caption अपने कार्यकर्ताओं के शवों को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन ने राज्य सरकार से कहा है कि वह राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर काबू करने के लिए क़दम उठाए.

दक्षिणेश्वर आद्यपीठ मंदिर पहुँचे नारायणन ने पत्रकारों से कहा, "अभी जो परिस्थितियाँ (राजनीतिक हिंसा की) हैं वह कार्रवाई करने का समय है न कि चर्चा करने का."

राज्य के एक मंत्री गौतम देब ने तृणमूल कांग्रेस की नेता की ओर से ममता बैनर्जी और राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य से आमने-सामने चर्चा करवाने की कोशिश पर प्रतिक्रिया मांगने पर पर उन्होंने यह टिप्पणी की.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इससे पहले राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता ज़ाहिर करते हुए राज्यपाल नारायणन ने प्रशासन के आलाअधिकारियों को तलब किया था और उनसे स्थिति पर क़ाबू पाने को कहा था.

यह पहली बार नहीं है कि पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ने राज्य में क़ानून-व्यवस्था पर इस तरह से सार्वजनिक रुप से नसीहत दी हो.

इससे पहले राज्यपाल रहे गोपालकृष्ण गांधी ने नंदीग्राम में हुई हिंसा के बाद राज्य सरकार को हिंसा में क़ाबू पाने की हिदायत दी थी.

एमके नारायणन ने भी गत सात जनवरी को राज्य में राजनीतिक हिंसा में आठ लोगों की मौत के बाद क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता ज़ाहिर की थी.

उन्होंने उस दिन को 'दुख और शर्म का दिन'बताते हुए कहा था कि सरकार को 'वापस न लौटने की स्थिति' तक पहुँचने से पहले कार्रवाई करनी चाहिए.

इस संबंध में एक क़दम और उठाते हुए राज्यपाल नारायणन ने 19 जनवरी को हिंसा से प्रभावित नेताई गाँव में जाने की योजना बनाई है.

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