अजमेर संदिग्ध के लिए दुआ पर विवाद

Image caption राजस्थान पुलिस की एटीएस ने इस घटना के सिलसिले में एक हिंदू संगठन के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है

अजमेर शरीफ़ में तीन साल पहले हुए धमाकों की घटना को लेकर विवाद में फंसे हिन्दू संगठन आरएसएस के पदाधिकारी इन्द्रेश कुमार की सलामती के लिए की गई दुआ को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है.

दरगाह के ख़ादिमों ने इस क़दम की निंदा की है. मगर इस दुआ के आयोजक छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक डॉ सलीम राज कहते है इन्द्रेश बेगुनाह हैं.

डॉ राज का दावा है कि इस दुआ में उनके साथ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सदस्य भी थे.

इस मंच के संयोजक मोहम्मद अफ़जाल कहते हैं कि उन्होंने और डॉ सलीम के साथ एक समूह ने दरगाह में दुआ की और इन्द्रेश की सलामती के लिए चादर चढ़ाई.

डॉक्टर सलीम कहते हैं, ''इन्द्रेश पर लगाए इल्जाम बेबुनियाद है, वो सच्चे देशभक्त हैं और हिन्दू मुसलमानों को क़रीब लाने के लिए काम कर रहे थे. इसीलिए उन्हें झूठा फंसाया गया है.''

उधर दरगाह में ख़ादिमों की संस्था अंजुमन के सचिव महमूद हसन कहते हैं कि उन्हें ऐसी किसी ज़ियारत और दुआ की जानकारी नहीं है. मगर ख़ादिमों में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई है.

तीखी प्रतिक्रिया

अंजुमन के पूर्व सचिव सरवर चिश्ती कहते हैं कि ये शर्मनाक है, ''मुझे ये सुनकर बेहद दुख हुआ कि ऐसी कोई दुआ इस अमन के मु़द्दस मुक़ाम पर की गई. ऐसे लोग इंसानियत के ग़द्दार है,ये तो मीर जाफ़र जैसी हरकत है. क्या हक़ है ऐसे लोगो को दुआ करने का.''

वे कहते हैं कि हमें नहीं मालूम ये दुआ कब की गई और कोई अकेले में क्या दुआ करता है, ये कहना मुश्किल होता है.

राजस्थान पुलिस की आतंकवादी विरोधी इकाई ने अजमेर धमाकों में अदालत में दाख़िल चार्जशीट में इन्द्रेश कुमार के नाम का उल्लेख किया है. मगर उन्हें अब तक अभियुक्त नहीं बनाया गया है.

पुलिस ने इतना ज़रूर कहा है कि धमाकों से पहले एक हिन्दू संगठन के सदस्यों की जयपुर में बैठक हुई, उसमे इन्द्रेश मौजूद थे.

पुलिस ने ये कह कर इस बिंदु को छोड़ दिया कि इस बारे में जांच जारी है. इन्द्रेश ने इन आरोपों को असत्य बताया है. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच वो संगठन है जिसके साथ इन्द्रेश कुमार खुद काम करते रहे है.

इस संगठन ने रविवार को जयपुर में देश भर से आए अपने कार्यकर्ताओं की बैठक की और कहा कि इन्द्रेश को राजनीतिक कारणों से झूठा फंसाया जा रहा है.

डॉक्टर सलीम का कहना है, ''इन्द्रेश पाक साफ़ है. मुस्लिम बिरादरी उनके साथ है. हमने उनके लिए दरगाह में दुआ कर मन्नत मांगी है.''

इस मंच के संयोजक अफ़जाल कहते हैं, ''इन्द्रेश ने कई बार दरगाह में मेरे साथ दुआ की है, वे हिंसा में यकीन नहीं रखते और अमन पसंद हैं. उनके काम से कांग्रेस की जड़ें हिल गई थीं इसीलिए एक साज़िश के तहत उन्हें फंसाने का काम किया जा रहा है.''

इन धमाकों को लेकर सूफ़ी संत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के अकीदतमंद मानते है कि ख़्वाजा ख़ुद न्याय करेंगे और गुनाहगार बचेगा नहीं.

जिन्हें भारत की न्याय व्यवस्था में भरोसा है उन्हें लगता है कि धमाकों के ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा मिलेगी, मगर फ़ैसले की घड़ी आने तक हर कोई इंसाफ़ की तराज़ू का पलड़ा अपनी अपनी तरफ तक झुकाने की कोशिश करता रहेगा.

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