जम्मू कश्मीर में शांति भंग न करें: मनमोहन सिंह

  • 23 जनवरी 2011
श्रीनगर में विरोध की आशंका
Image caption भाजपा के श्रीनगर में झंडा फहराने के कार्यक्रम को लेकर तनाव है

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में राजनीतिक पार्टियों को ऐसी बातें करने से बचना चाहिए जिससे वर्गों में दरार पैदा होती है और राज्य में शांति भंग नहीं करनी चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी की योजना है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रीनगर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए.

इस संदर्भ में मनमोहन सिंह ने कहा, “गणतंत्र दिवस एक गरिमामय और अहम दिन है. ये राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का मौका नहीं है, न ही स्थानीय और राज्य प्रशासन को मुश्किल स्थिति में डालने का मौका है. इस दिन ऐसे हालात पैदा नहीं करने चाहिए जिससे दिक्कतें खड़ी हो जाएँ.”

एक बयान में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी लोग और राजनीतिक दल उनके इस आग्रह को मानेंगे और ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे गणतंत्र दिवस की गरिमा कम हो.भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्रीनगर में झंडा फहराने की योजना को लेकर तनाव का माहौल है.

झंडा फहराने को लेकर विवाद

भाजपा ने घोषणा की है कि उसका युवा मोर्चा कोलकाता से श्रीनगर तक राष्ट्रीय एकता यात्रा निकालेगा और गणतंत्र दिवस को श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहरा कर राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता स्थापित करेगा.

लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वो भाजपा को गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा फहराने नहीं देगी.

अपने बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उनका इशारा भाजपा की एकता यात्रा की ओर ही था.

उन्होंने कहा है कि जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में संयम का परिचय देना और भी अहम हो जाता है.

मनमोहन सिंह का कहना था, “समय के साथ हर प्रदेश ने गणतंत्र दिवस मनाने के कुछ तौर तरीके अपनाएँ हैं जो राष्ट्रीय तौर तरीकों के अनुरुप हैं. ये राज्यों की ज़िम्मेदारी है कि इन परंपराओं का सम्मान हो. भारत सरकार इसमें राज्यों की मदद करेगी.”

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