झंडा फहराने पर भाजपा के तेवर तीखे

अरुण जेटली
Image caption भाजपा नेता अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री के कथन पर अफ़सोस जताया

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी श्रीनगर में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने पर अड़ी हुई है और उसने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तीखे प्रहार किए हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल में कहा था कि राजनीतिक दल ऐसी गतिविधियाँ न करें जिनसे जम्मू-कश्मीर में वर्गों के बीच दरार पैदा हो.

भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "ये अफ़सोस की बात है कि इस यात्रा का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम ऐसा कुछ न करें जिससे दरार पैदा होती हो. प्रधानमंत्री ने कब से ये सोचने शुरु कर दिया कि भारत में राष्ट्रीय ध्वज फहराना दरार पैदा करने का मुद्दा है?"

उधर पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "मैं सरकार को चेतावनी देना चाहता हूँ कि हमारे आंदोलन को दबाने की कोशिश कर लीजिए लेकिन हम 26 जनवरी को श्रीनगर में ध्वज फहराएँगे...हमें पता है कि जम्मू कैसे पहुँचना है, श्रीनगर कैसे पहुँचना है...इसमें दरार पैदा करने वाली क्या बात है...भारत में भारतीय झंडा फहराने को अपराध बनाया जा रहा है."

रेलगाड़ी वापस बंगलौर

रविवार को कर्नाटक से भारतीय युवा जनता मोर्चा के 2000 सदस्यों को लिए जम्मू के लिए चली रेलगाड़ी को अहमदनगर से वापस बंगलौर भेजा दिया गया और कुछ अन्य जगहों से भी रेलगाड़ियों का रास्ता बदल दिया गया.

जावड़ेकर ने इसे अलोकतांत्रिक बताया और सवाल उठाया कि जब युवकों के पास टिकेट थे तो ऐसा किस क़ानून के तहत किया गया.

जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने बताया है कि भारतीय युवा जनता मोर्चा के सदस्य 25 जनवरी को लाखनपुर से जम्मू-कश्मीर राज्य में दाख़िल होंगे और फिर माधोपुर में रैली करेंगे.

ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर में भाजपा के तिरंगा फहराने के कार्यक्रम के ख़िलाफ़ विचार व्यक्त कर चुके हैं और कह चुके हैं कि अलगाववादियों को बिना बात उकसाने की कोई ज़रूरत नहीं है.

भाजपा ने इस कार्यक्रम को एकता यात्रा का नाम दिया है और 12 जनवरी से कोलकाता से इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी.

उधर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा है कि भाजपा ये सब ध्यान बाँटने के मक़सद से कर रही है ताकि वह ख़ुद को सबसे सक्रिय राष्ट्रवादी साबित कर सके.

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