संसद चले, भ्रष्टाचार घटे: राष्ट्रपति

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption प्रतिभा पाटील का राष्ट्र को संबोधन

राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने भारतीय लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत बनाने पर ज़ोर दिया.

उन्होंने कहा कि संसद का सफलतापूर्वक संचालन सरकार और विपक्ष दोनों की संयुक्त ज़िम्मेदारी है. ये बहुत ज़रुरी है कि सभा की मर्यादा और गरिमा बनाई रखी जाएं क्योकि ऐसा न होने से लोगों का संसद पर भरोसा कम हो जाएगा.

राष्ट्रपति ने बासठवें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपना अभिभाषण दिया.

राष्ट्रपति का ध्यान सुप्रशासन पर भी गया. 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले जैसे भ्रष्टाचार के लगातार आ रहे मामलों पर नज़र डालते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश के विकास और सुशासन का दुश्मन है.

उनका कहना था कि इससे और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रणाली में बदलाव लाने की ज़रुरत है. वित्तीय संस्थाओं, कॉर्पोरेट जगत और सिविल समाज को अपने कामकाज में ईमानदारी लानी चाहिए.

खाद्य सुरक्षा

देश की आर्थिक प्रगति की चर्चा करते हुए प्रतिभा पाटिल ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की विकास दर नौ प्रतिशत तक रहेगी. पर साथ ही बढ़ती महंगाई, ख़ासकर खाद्यान्न की बढ़ती क़ीमतें भारी चिंता का विषय है.

इससे उबरने के लिए खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण विकास पर ध्यान देने की ज़रुरत है.

उन्होंने कहा कि देश को दूसरी हरित क्रांति की ज़रुरत है ताकि पैदावार बढ़ाई जा सके और ग्रामीण क्षेत्र में और रोज़गार पैदा हो पाएं.

राष्ट्रपति का कहना था कि खेती को और आधुनिक बनाने की ज़रुरत है. कॉरपोरेट सेक्टर को कृषि को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए क्योंकि खाद्य सुरक्षा देश के लिए बहुत ज़रुरी है.

राष्ट्रपति ने कहा कि अगले 20 वर्षों में देश की आबादी 148 करोड़ हो जाएगी इसलिए अनाज, तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय योजना बनाई जानी चाहिए.

आतंकवाद बड़ी समस्या

राष्ट्रपति का कहना था कि आतंकवाद मानव जाति के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है. अब चूंकि भारत सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य है, वो आतंकवाद के ख़िलाफ़ समन्वित कार्रवाई में अपने प्रयासों को तेज़ करेगा.

देश में बढ़ रहे अपराधीकरण, महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा, रैगिंग जैसे विषयों पर भी चिंता व्यक्त की और देशवासियों से हिंसा का कभी सहारा न लेने को कहा.

उनका कहना था कि सरकार ग़रीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा का स्तर सुधारने और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर ज़ोर देगी.

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