आदर्श घोटाला: मामला हुआ दर्ज

  • 29 जनवरी 2011
आदर्श सोसायटी
Image caption करगिल युद्ध लड़ने वालों के लिए प्रस्तावित आदर्श सोसायटी में नौकरशाहों और नेताओं के रिश्तेदारों को फ़्लैट मिले

सीबीआई ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले के मामले में कई सेवानिवृ्त्त सैन्य अधिकारियों और नौकरशाहों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

पिछले ही हफ़्ते बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई को फ़टकार लगाते हुए पूछा था कि वह इस मामले में मामला दर्ज करने में देरी क्यों कर रही है.

उल्लेखनीय है कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाक़े में बनाई गई है.

मुंबई के इस संभ्रांत इलाक़े में बनी इमारत कथित तौर पर सेना की क़ीमती ज़मीन पर बनी है और इसे बनाने में पर्याववरण के नियमों की अनदेखी की गई है.

अधिकारियों का कहना है कि इसमें सिर्फ़ छह मंज़िलें बनाने की अनुमति थी लेकिन 31 मंज़िलें बना ली गईं.

इसमें कई पूर्व सैन्य अधिकारियों, कई नौकरशाहों सहित कई राजनेताओं और उनके रिश्तेदारों के फ़्लैट बताए जाते हैं.

हाल ही में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा था कि नियमों का उल्लंघन करने की वजह से इस इमारत को गिरा देना चाहिए.

एफ़आईआर

घोटाला सामने आने के बाद अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मुंबई की विशेष अदालत में जो मुमला दर्ज किया उसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम है या नहीं.

लेकिन सेना के जिन अधिकारियों के नाम इसमें हैं उनमें मेजर जनरल और ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी हैं.

इस मामले की जाँच पिछले साल नवंबर में शुरु हुई थी.

इस घोटाले पर मामला दर्ज करने का फ़ैसला क़ानूनी राय लेने के बाद किया गया था जिसमें कहा गया था कि इस इमारत के निर्माण के लिए कई दस्तावेज़ों में हेराफेरी की गई और कई अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया.

पिछले हफ़्ते आदर्श मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जज बीएच मार्लापल्ले और यूडी साल्वी ने सीबीआई से पूछा था कि मामला दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है.

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