छात्रों पर मॉनिटरिंग स्वीकार्य नहीं: कृष्णा

Image caption कैलिफॉर्निया की ट्राई वैली यूनिवर्सिटी ने सैकड़ों भारतीय छात्रों को ठगा और अब वह बंद हो चुकी है

अमरीका में कुछ भारतीय छात्रों पर निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बंद हो चुकी कैलिफॉर्निया की ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के भारतीय छात्रों पर निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना स्वीकार्य नहीं है.

उन्होंने इसे ग़ैर ज़रूरी बताया और कहा कि भारतीय छात्रों को क़ानूनी सहायता मुहैया कराई जा रही है.

इसके पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अमरीका के उपराजदूत को बुला कर इस पर कड़ा विरोध प्रकट किया है.

मंत्रालय का कहना है कि ये छात्र धोखे का शिकार हुए हैं तो उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है.

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार इस विश्वविद्यालय में अनेक पढ़ने आए थे. ये छात्र कहते हैं कि उन्हें ये नहीं मालूम था कि इस विश्वविद्यालय के ख़िलाफ़ छानबीन की जा रही थी.

यहाँ आने के बाद उन्हें पता चला कि ये विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया है.

विदेश मंत्रालय के एक वक्तव्य में कहा गया है कि ये छात्र खुद पीड़ित हैं और उनके साथ बेहतर व्यवहार होना चाहिए. साथ ही उन्हें अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त मौक़ा दिया जाना चाहिए.

मंत्रालय ने कहा है भारतीय दूतावास इन छात्रों की मदद करने की हरसंभव कोशिश करेगा.

दूसरी ओर अमरीका के इमीग्रेशन अधिकारियों ने इन छात्रों को वीज़ा क़ानून के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया और उनमें से 18 के पैरों में रेडियो टैग लगा दिए गए थे ताकि वो छानबीन के चलते देश छोड़ कर न जा सकें.

अमरीकी अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने सभी छात्रों के पैरों में रेडियो टैग नहीं लगाए, केवल उनके ही पैरों में टैग लगाए हैं जो वीज़ा क़ानून तोड़ते हुए दूसरे राज्यों में जा कर काम करने लगे थे.

इस विश्वविद्यालय में लगभग 1500 छात्र थे जिनमें से 95 प्रतिशत भारतीय थे और उनमें से अधिकतर आंध्र प्रदेश से आए थे.

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