'जायज़ साबित हुई जेपीसी की मांग'

  • 2 फरवरी 2011
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Image caption राजा की गिरफ़्तारी से विपक्षी दल संतुष्ट नहीं है

पूर्व दूर संचार मंत्री ए राजा की गिरफ़्तारी के बाद विपक्षी दलों ने कहा है कि संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग और जायज़ हो गई है.

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि राजा की गिरफ़्तारी बहुत देर से हुई है और ये साबित करता है कि बीजेपी की जेपीसी की मांग सही रही है.

पूर्व दूर संचार मंत्री ए राजा गिरफ़्तार हुए

उधर कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि राजा के मामले में क़ानून अपनी कार्रवाई कर रही है और क़ानून को अपना काम करने में समय लगता है.

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना था, "‘क़ानूनी प्रक्रिया होती है. उसमें समय लगता है. उसी के तहत राजा की गिरफ़्तारी हुई है. ठोस क़ानूनी कदम उठाए गए हैं. पार्टी का यही रवैय्या है इस मामले में."

उधर भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "‘ये गिरफ़्तारी बहुत देर से हुई है. यह कहना सही नहीं होगा कि राजा ने अकेले करोड़ों रुपए का घपला किया. बाकी लोग कौन हैं. ये सामने आना चाहिए. इस गिरफ्तारी का श्रेय सरकार का नहीं है. सरकार को अभी और जवाब देने हैं."

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि जेपीसी की मांग अभी भी जायज़ है क्योंकि इसकी जांच का दायरा समग्र होगा.

उनका कहना था, "जब जेपीसी जांच करती है तो उसका दायरा बड़ा होता है. सिस्टम में क्या गड़ब़ड़ी है ये पता चलेगा इसलिए जेपीसी से जांच होनी ही चाहिए."

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता ने भी एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ये गिरफ्तारी राजनीतिक कदम है और वो पूरे मामले में नज़र रखेंगी.

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