भ्रष्टाचार शर्मिंदगी की वजह: मनमोहन

  • 4 फरवरी 2011
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Image caption भ्रष्टाचार की वजह से यूपीए सरकार की कड़ी अलोचना हो रही है.

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चौतरफ़ा आलोचनाओं के बीच भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भ्रष्टाचार शासन प्रणाली की जड़ों को खोखला कर रहा है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, “भ्रष्टाचार की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान होता है और भ्रष्टाचार की वजह से ही हमें अपनी जनता के सामने शर्मसार होना पड़ता है.”

मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार से निपटना एक चुनौती है और इसका समाना बहादुरी से करना होगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ये बात राज्यों के मुख्य सचिवों को संबोधित करते हुए कही.

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका कि जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वालों की सुरक्षा के लिए दो विधेयक पहले ही संसद में पेश किए जा चुके है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि “इन क़ानूनी प्रावधानों के अलावा प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज़ करना होगा और एक ऐसा तंत्र विकसित करना होगा कि जिसमें भ्रष्टाचार के अवसर मौजूद ना हो.”

भ्रष्टाचार से लड़ने की रुपरेखा पर बोलते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के अवसर को कम कर सकता है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि अधिकारों और ज़िम्मेदारियों का विकेन्द्रीकरण भ्रष्टाचार के लड़ने के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

शासन प्रणाली में बड़े बदलाव लाने के लिए उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग की अपील भी की.

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