अजमेर मामले में एक और गिरफ़्तार

फ़ाइल चित्र
Image caption अजमेर धमाके के सिलसिले में पहले भी कई गिरफ़्तारियां हो चुकी हैं

राजस्थान में पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा एटीएस ने अजमेर दरगाह बम धमाकों के सिलसिले में एक और गिरफ़्तारी की है.

पुलिस ने गुजरात से भरत भाई को इन धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.

पुलिस ने शनिवार को असीमानंद को अजमेर की एक अदालत के सामने पेश किया और उससे पुलिस हिरासत में और पूछताछ जारी रखने की अनुमति हासिल कर ली.

इस दौरान सीबीआई ने इन धमाकों के आरोप में गिरफ़्तार देवेन्द्र गुप्ता और लोकेश शर्मा से मालेगांव ब्लास्ट में पूछताछ के लिए अदालत की इजाज़त लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

इस बारे में अदालत आठ फरवरी को सुनवाई करेगी.एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि भरत भाई को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है.

भरत कई साल तक दुबई और कनाडा में रहा है.मगर कुछ साल पहले वो भारत आ गया था.

पहले भी हुई हैं गिरफ़्तारियाँ

अजमेर धमाकों में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.इनमें से तीन लोगों-हर्षद सोलंकी,मुकेश और भरत भाई को पड़ोसी राज्य गुजरात से गिरफ़्तार किया गया है.असीमानंद का केंद्र भी गुजरात रहा है.

वह गुजरात के दांग में शबरी आश्रम में अपनी गतिविधियाँ चलाते थे.पुलिस के मुताबिक ,वो हिन्दू संगठन अभिनव भारत के सम्पर्क में भी थे.ये संगठन अन्य हिन्दू अतिवादी समूह के साथ मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना चाहते थे.

इस दौरान सीबीआई मुंबई ने अजमेर ब्लास्ट में गिरफ़्तार देवेन्द्र और लोकेश से मालेगाँव धमाको में पूछताछ के लिए अदालत से इजाज़त मांगी है.सीबीआई ने अजमेर की ज़िला और सेशन कोर्ट में इस बारे में अर्ज़ी दाख़िल की है. इस पर बचाव पक्ष ने आपत्ति की है.

अब अदालत दोनों पक्षों को सुनकर कोई फैसला सुनाएगी.

एटीएस असीमानंद से लगातार पूछ ताछ कर रही है.समझा जाता है कि उसके बयानों के आधार पर कुछ और लोगों को पकड़ा जा सकता है. इसमें भारत के एक बड़े हिन्दू संगठन के एक नेता पर भी आरोप लगे हैं.

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