पुलिस वाले आपस में भिड़े, 20 जवानों को जेल

  • 7 फरवरी 2011
पुलिस (फ़ाइल) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption पुलिस वाले आपस में ही भिड़े.

जगदलपुर शहर में छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के प्रशिक्षण केंद्र के 20 जवानों को अपने कंपनी कमांडर और एक हवलदार पर हमला करने के आरोप में जेल भेज दिया गया है.

ये सभी जवान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के उस्ताद कहे जाते हैं जो प्रशिक्षु जवानों को ट्रेनिंग दिया करते थे. इन सभी के ख़िलाफ़ कोतवाली थाने में एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है.

सभी जवानों को गिरफ़्तार कर उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश भी किया जहाँ उनकी ज़मानत की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि शनिवार को उस्तादों और कंपनी कमांडर के बीच किसी बात को लेकर कुछ कहा सुनी हो गई थी. इसी के ख़िलाफ़ सभी जवान रविवार को गोलबंद हो गए और उन्होंने कंपनी कमांडर और एक हवलदार पर हमला कर दिया.

इस हमले में एक हवलदार को गंभीर चोटें आई हैं. कंपनी कमांडर को सरकारी अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है. कंपनी कमांडर श्रीनिवास का कहना है कि अनुशासनहीनता के आरोप में एक दो जवानों को फटकार लगाई गयी थी.

'अनुशासनहीनता'

श्रीनिवास ने कहा, "उनकी अनुशासनहीनता की शिकायत समादेष्टा से भी की गई थी.जवानों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ कि उनके काम की रोका टोकी हो. इस लिए वे नाराज़ हो गए और हमला कर दिया." वहीं गंभीर रूप से घायल हवलदार रमाशंकर का आरोप है कि जवानों उनको ये कहते हुए बुरी तरह मारा कि वह उनकी शिकायत वरीय अधिकारियों से करते हैं. रमाशंकर के सर और घुटनों में चोट आई है. इस घटना को लेकर राज्य के पुलिस मुख्यालय में हडकंप मच गया है. ये पहला मामला है जब पुलिस वाले ही पुलिसवालों से भीड़ गए हों.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल एक अनुशासित बल है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

आपराधिक मामले के साथ साथ जेल भेजे गए जवानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.

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