'संसद चलाने पर सभी दल एकमत'

  • 8 फरवरी 2011
संसद भवन
Image caption शीतकालीन सत्र जेपीसी की मांग की भेंट चढ़ गया था अब बजट सत्र को बचाने की कोशिश की जा रही है.

बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार और विपक्ष इस बात पर एकमत थे कि संसद को सुचारु रुप से चलाना ज़रुरी है.

2जी स्पेक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति या जेपीसी के गठन के मामले में पूछे जाने पर विपक्षी दलों का कहना था कि सरकार को पता है कि विपक्ष लगातार इसकी मांग करता रहा है.

बैठक के बाद बीजेपी की नेता सुषमा स्वराज का कहना था, ‘‘सभी दलों के नेता इस बात पर एकमत थे कि संसद चलनी चाहिए. हमने जेपीसी की अपनी मांग रखी है और सत्र शुरु होने से पहले फिर बैठक होगी. संसद का चलना ज़रुरी है और सरकार का रुख सकारात्मक दिखा है.’’

यह पूछे जाने पर कि क्या जेपीसी के गठन के बिना संसद चलेगी तो सुषमा का कहना था, ‘‘ संसद को सुचारु रुप से चलाने पर सहमति बनी है. हमें लगता है कि जेपीसी पर ज़रुर कुछ होगा. सत्र के दौरान इस पर कुछ फ़ैसला हो सकता है.’’

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा का भी बयान कुछ ऐसा ही था. उन्होंने भी यही दोहराया कि सभी दलों के बीच संसद को चलाने पर सहमति बनी है लेकिन जेपीसी की मांग भी रखी गई है.

विपक्षी दलों के बयानों से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार संभवत इस सत्र के दौरान जेपीसी का गठन कर सकती है.

सरकार के लिए 2 जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी जांच की मांग गले की फांस साबित हो रही है क्योंकि इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार की कोई बात नहीं सुनी है और संसद के दो सत्र चलने नहीं दिए हैं.

उधर इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा गिरफ़्तार किए जा चुके हैं और सीबीआई की हिरासत में हैं.

इतना ही नहीं कुछ दिन पहले ही स्पेक्ट्रम आवंटन का एक और कथित घोटाला सामने आ रहा है जिसमें इसरो की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

इन सभी मामलों के कारण सरकार की स्थिति मज़बूत नहीं दिख रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही जेपीसी के गठन की घोषणा कर दी जाए.

संबंधित समाचार