आरुषि मामले को बंद करने पर फ़ैसला जल्द

पिछली सुनवाई में राजेश तलवार पर हमला हो गया था इमेज कॉपीरइट AFP

सीबीआई ने बुधवार को विशेष अदालत में फिर कहा कि आरुषि तलवार हत्याकांड में उसे कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं इसलिए इस मामले को बंद कर दिया जाना चाहिए.

सीबीआई के वकील आरके सैनी ने अदालत में जाँच एजेंसी का पक्ष रखा.

इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई और अदालत संभवत बुधवार को मामले को बंद किया जाए या नहीं इस पर फ़ैसला सुनाएगी.

ग़ौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान राजेश तलवार पर उत्सव नामक एक नवयुवक के हमले के बाद अदालत ने आठ फ़रवरी की तारीख़ तय की थी.

इस बार सुनवाई के दौरान अदालत में मीडियाकर्मी समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं घुसने दिया गया.

ग़ौरतलब है कि 25 जनवरी को आरुषि के पिता राजेश तलवार ने अदालत में याचिका दाखिल कर मामले को बंद करने का विरोध किया था.

राजेश तलवार ने अपनी याचिका में सीबीआई की पुरानी टीम की जांच को न केवल सही ठहराया था बल्कि ये भी कहा था कि तीनों नौकरों की आपसी जान पहचान और उनकी गतिविधियों को सीबीआई ने नज़रंदाज कर दिया.

अपनी याचिका में राजेश तलवार ने अदालत से ये भी कहा कि सीबीआई को फिर से जांच करने के लिए कहा जाए. वहीं सीबीआई कहती है कि उसके पास केस को हल करने के लिए पुख्ता सबूत नहीं हैं.

हत्याकांड की गुत्थी

ग़ौरतलब है कि 16 मई, 2008 को नोएडा के जलवायु विहार अपार्टमेंट में 14 वर्षीया आरुषि का शव बरामद किया गया था.

शुरुआत में तलवार दंपति के घरेलू नौकर हेमराज को हत्या का संदिग्ध बताया गया था लेकिन एक दिन बाद ही हेमराज का शव भी छत से बरामद किया गया था.

इस हत्याकांड के बाद राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया गया था लेकिन कुछ साबित न हो पाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

कुछ समय पहले बीबीसी से विशेष बातचीत में आरुषि के माता-पिता ने कहा था कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वो अपनी बेटी के लिए इंसाफ़ की लड़ाई लड़ते रहेंगे.

हाल ही में सीबीआई ने अपनी समापन रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल करते हुए इस केस को बंद करने की सिफ़ारिश की थी और कहा था कि उसे इस मामले से जुड़े पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाए.

लेकिन साथ ही सीबीआई ने कहा था कि शक की सुई आरुषि के पिता राजेश तलवार की तरफ़ भी है.

संबंधित समाचार