'सरकार नहीं चाहती मज़बूत न्यायपालिका'

  • 11 फरवरी 2011
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Image caption सुप्रीम कोर्ट ने कम बजट पर रोष ज़ाहिर किया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी सरकार मज़बूत न्यायपालिका नहीं चाहती है.

न्यायपालिका को कम बजट आबंटित किए जाने पर अपना रोष जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी की है.

जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस एके गांगुली की खंडपीठ ने कहा है कि न्यायपालिका को बजट का एक प्रतिशत से भी कम आबंटित किया जाता है.

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका आधारभूत समस्याओं से जूझ रही है और उसके पास काफ़ी कम कर्मचारी हैं.

स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी संख्या में अदालत में लंबित पड़े मामलों का हवाला दिया है.

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा, "कोई भी सरकार मज़बूत न्यायपालिका नहीं चाहती. ऐसा सिर्फ़ क़ाग़ज़ पर होता है. न्यायपालिका को एक फ़ीसदी से भी कम बजट मिलता है."

जजों ने यह भी कहा कि जल्दी से जल्दी मामलों का निपटारा करने के लिए देश में अदालतों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है.

आधारभूत समस्याओं और रिक्त पड़े स्थानों का ज़िक्र करते हुए खंडपीठ ने कहा कि ये बहुत ही कठिन स्थिति है.

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