प्रधानमंत्री से सवाल-जवाब

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मनमोहन सिंह ने माना कि उन्हें अनियमितताओं पर सबसे ज़्यादा खेद है और अंतरराष्ट्रीय मंदी में अर्थव्यवस्था को बचाए रखना वे सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं.

राष्ट्रमंडल घोटाले की जाँच में प्रगति के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि समय लगता है.

लेकिन मैं भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि ग़लती करने वाले छोड़े नहीं जाएँगे.

मनमोहन सिंह ने कहा कि 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में राजस्व नुक़सान के बारे में कहा कि शुरुआती बिंदू समझने की आवश्यकता है और नुक़सान का आकलन करना मुश्किल काम है.

सीएनएन-आईबीएन के राजदीप सरदेसाई के एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार आवश्यक है और इसकी ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स इस मामले को देख रहे हैं.  काले धन के बारे में हम क़दम उठा रहे हैं और पैसा वापस लाने की हरसंभव कोशिश करेंगे.

मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं ये नहीं कहता कि मुझसे ग़लती नहीं हुआ लेकिन मैं उतना दोषी नहीं हूँ, जितना दिखाया जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ के सतीश के सिंह ने पूछा कि आपने प्रेस कॉन्फ़्रेंस क्यों बुलाई. आप कहते हैं कि आप भ्रष्टाचार पर गंभीर है लेकिन मीडिया में रिपोर्ट आए बिना सरकार सामने क्यों नहीं आती.

भ्रष्टाचार के कारण देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिगड़ने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा होता है. उन्होंने मीडिया को सलाह दी कि वे बिना किसी तथ्य के निष्कर्ष पर पहुँचे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब भी ग़रीब देश है और अगर कोई मित्र देश भारत में निवेश करता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं.

बीबीसी के संजॉय मजूमदार ने पूछा कि ब्रिटेन सरकार की ओर से फंड की क्या आवश्यकता है.

श्रीलंका सेना की ओर से भारतीय मछुआरों को परेशान किए जाने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने मज़बूती से श्रीलंका सरकार को बता दिया है कि ऐसा नहीं होना चाहिए.

प्रधानमंत्री देवास मुद्दे पर और स्पष्टीकरण दे रहे हैं और लिखित बयान पढ़ रहे हैं.

हरीश खरे ने कहा कि ये प्रधानमंत्री से पूछताछ नहीं है. उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें. प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार हरीश खरे ने अर्णव गोस्वामी को रोका और कहा कि आप एक मुद्दे से दूसरे मुद्दे पर न जाएँ.

मनमोहन सिंह ने देवास मामले पर विस्तार से जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने आरोपों को ख़ारिज किया और कहा कि स्पेस कमीशन का फ़ैसला 2 जुलाई को लिया गया है.

टाइम्स नाउ के अर्णव गोस्वामी ने पूछा कि देवास समझौते में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों पर आरोप है, उस पर क्या कहना है.

प्रधानमंत्री ने माना कि राजनीति में कुछ चीज़ें है को उनके हिसाब से नहीं है. लेकिन उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं अपनी ज़िम्मेदार समझता हूँ. लेकिन गठबंधन सरकार की कुछ मजबूरी होती है. गठबंधन सरकार में कुछ समझौते करने पड़ते है.

स्टार न्यूज़ से शाजी ज़मां ने पूछा कि भ्रष्टाचार के मामले में क्या आपको कभी लगा कि ये आपकी नैतिक ज़िम्मेदारी है?

विदेशी कोष कम होने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो स्थिति है, उसका असर भारत पर भी पड़ा है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए एक समिति गठित की गई है और  इस विशेषाधिकार पर चर्चा चल रही है. मैं इसकी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहा हूँ.

सहारा ग्रुप के उपेंद्र रॉय ने मंत्रियों के विशेषाधिकार कोटे के बारे में सवाल पूछा.

उन्होंने कहा कि ये कहना बेहतर होता कि हम तुरंत इसे कर लेंगे लेकिन अभी प्रक्रिया शुरू हुई है, इसमें समय लगेगा और सरकार इसे काफ़ी गंभीरता से ले रही है.

असम चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है. शांति की कोशिश हो रही है. उल्फ़ा के साथ समयसीमा के बारे में उन्होंने कहा कि अभी प्रक्रिया शुरू हो रही है.

एक पत्रकार ने उल्फ़ा समस्या के समाधान के लिए कोई समयसीमा के बारे में सवाल पूछा.

उन्होंने कहा कि महंगाई है लेकिन हमने कई योजनाएँ बनाई हैं और ग़रीबों का ख़्याल रखा जा रहा है. जन वितरण प्रणाली के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से क़ीमतों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ग़रीबी की मुश्किल समझते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं को गिनाया और कहा कि ग़रीबों के लिए कई योजनाएँ हैं.

सीएनएन की ओर से महंगाई का ग़रीबों पर पड़ने वाले असर पर सवाल पूछा गया.

उन्होंने विश्व कप के लिए भारत को शुभकामना दी लेकिन किसी एक खिलाड़ी का नाम लेने से मना कर दिया.  मनमोहन सिंह ने कहा कि पूरी कोशिश की जा रही है और उम्मीद है कि कार्यवाही चलेगी.

न्यूज़ 24 की अनुराधा प्रसाद ने पूछा कि जेपीसी की मांग पर संसद की कार्यवाही नहीं चली थी. क्या बजट सत्र चलेगा?

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा. मनमोहन सिंह ने कहा कि इस पर कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी क्योंकि अभी अगले चुनाव काफ़ी दूर है.

एनडीटीवी के प्रणय रॉय ने पूछा कि आपकी हो रही आलोचना के बीच क्या आप अगली बार प्रधानमंत्री बनना चाहेंगे.

कृषि क्षेत्र में सुधार के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर राज्य सरकारों के साथ विचार चल रहा है. कहीं सफलता मिल रही है और कहीं नहीं मिल रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे पहले हमें कॉरपोरेट माहौल अच्छा बनाना होगा. विदेशी निवेश के लिए कोशिश होनी चाहिए. इस पर विचार चल रहा है. वित्त मंत्री भी इस पर काम कर रहे हैं.

सीएनबीसी-आवाज़ के संजय पुगलिया ने पूछा कि आधारभूत क्षेत्र में दीर्धकालिक फंड के बारे में क्या योजना है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि फ़िलहाल वाममोर्चे के साथ गठबंधन नहीं है और जो भी गठबंधन में शामिल हैं, सरकार के साथ मज़बूती से जुड़े हैं.

कोलकाता टीवी के सुभाशीष मोइत्रा ने पूछा कि क्या भ्रष्टाचार के मामले पर यूपीए टूट सकता है और क्या वाममोर्चे से फिर गठबंधन होगा.

मनमोहन सिंह ने कहा कि ये जटिल मामला है. गृह मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से पहले दौर की बात की है. लेकिन अभी विचार-विचर्श की प्रक्रिया चलेगी.

ईटीवी ने तेलंगाना मामले पर केंद्र और पार्टी की नीति के बारे में सवाल पूछा.

दूरदर्शन की नीलम शर्मा के एक सवाल के जवाब में मनमोहन सिंह ने देश की जनता से वादा किया कि जिन लोगों ने ग़लत किया है, उन्हें कड़ी सज़ा दी जाएगी.

मिस्र की तरह भारत की तरह कुछ होने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता. क्योंकि लोगों के पास सरकार बदलने का अधिकार है. यहाँ फ़्री मीडिया है. इसलिए मिस्र में जो कुछ हुआ, वैसा भारत में नहीं हो सकता.

अल जज़ीरा की प्रेरणा सूरी के एक सवाल के जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा कि वहाँ जो भी हुआ, वो चिंता का विषय है.  वहाँ भारतीयों की भी चिंता है.

गठबंधन सरकार में गठबंधन धर्म होता है और कई बात ऐसा होता है कि आप जिस तरह चाहते हैं, गठबंधन सरकार में वैसा नहीं होता. लेकिन मैंने पद छोड़ने का कभी नहीं सोचता और मैं अपनी कार्यकाल पूरा करूँगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे किसी भी समिति के सामने पेश होने के लिए हैं.

सीएनएन-आईबीएन के राजदीप सरदेसाई ने पूछा कि क्या उन्होंने इस्तीफ़ा देने का विचार किया था और क्या जेपीएस और पीएएसी पर आपकी राय.

उन्होंने बिना किसी  का नाम लिए कहा कि गुजरात के एक मंत्री के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई है, उसकी वजह से ये हंगामा हो रहा है, लेकिन मैं इस मामले पर कुछ और नहीं कहना चाहता.

उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ख़ासकर भारतीय जनता पार्टी ने बहुत ही ग़लत रुख़ अपना रखा है. लेकिन मैं इस पर ज़्यादा नहीं कहना चाहता.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब संसद नहीं चलने दी जाती, तो काम कैसे हो.

ब्लूमबर्ग के प्रांजल ने पूछा कि सरकार कड़े सुधारवादी क़दम क्यों नहीं उठा रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में अच्छा करेगी. और भ्रष्टाचार कहीं भी हो, उसकी जाँच होनी चाहिए और उसने निपटना चाहिए.

एशियानेट के आर प्रशांत ने  न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और केरल चुनाव पर सवाल पूछे.

मनमोहन सिंह ने कहा कि हालाँकि कई शिकायतें आई थी, लेकिन उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं था कि इतने गंभीर आरोप लगे हैं.

उन्होंने कहा कि उस समय तक उन्हें नहीं पता था कि इतनी गंभीर चीज़ें हुई हैं, इसलिए उन्हें राजा को कैबिनेट को रखने पर आपत्ति नहीं थी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में कैसे राजा को शामिल किया जाए, उसके बारे में वे नहीं बताएँगे. लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये सरकार गठबंधन है और राजा और मारन द्रमुक की पसंद थे.

पहले आओ और पहले पाओ की नीति के तहत किसको-किसको क्या मिला, इन सब बातों पर हमारे साथ या कैबिनेट में चर्चा नहीं हुआ. ये दूरसंचार मंत्रालय का काम था.

इसलिए मैंने इस बात पर ज़ोर नहीं दिया था. जब सभी संबंधित विभाग और मंत्रालय इसके पक्ष में नहीं, तो मैं क्यों इस पर ज़ोर दूँ.

बाद में वित्त मंत्री और दूरसंचार विभाग ने भी इस पर सहमति जताई थी कि 2-जी में ऑक्शन की आवश्यकता नहीं. उन्होंने कहा था कि 2-जी मामले में ट्राई, दूरसंचार आयोग और उनकी राय में ऑक्शन वाजिब नहीं है.

ऑक्शन के समय राजा ने मुझे बताया था कि ट्राई ने इसका विरोध किया था.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने 2007 में पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी. राजा ने मेरे पत्र का जवाब दिया था और कहा था कि वे इस मामले में पूरी तरह पारदर्शिता निभाई है और आगे भी निभा रहे हैं.

इंडिया टुडे ग्रुप के अरुण पूरी ने पूछा कि आपने ए राजा को दूरसंचार मंत्री क्यों बनाया. जबकि उनकी भूमिका पर सवाल उठे थे.

उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे ज़्यादा नकारात्मक ख़बरों को जगह न दे. उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना की.

उन्होंने कहा कि इसकी कोशिश हो रही है कि आने वाला सत्र ठीक से चले. विपक्ष के साथ बातचीत चल रही है.  हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे मतभेद जो भी हो, संसद की कार्यवाही नहीं रुकनी चाहिए.

मनमोहन सिंह ने कहा कि संसद को जिन वजहों से रोका जा रहा है, वो मुझे नहीं समझ आ रहा है. घरेलू स्तर पर हमारे कई मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमें कोशिश करनी चाहिए कि हमारी ग़लत छवि बाहर न जाए.

भारतीय लोकतंत्र के प्रति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी सम्मान है. जब कभी भी मैं बाहर जाता हूँ, लोग भारतीय लोकतंत्र और यहाँ मानवाधिकार के प्रति हमारे रुख़ की सराहना करते हैं.

सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्यों ने भारत का दौरा किया है, जो पहले कभी नहीं हुआ है.

जम्मू-कश्मीर में रोजग़ार पर रंगराजन समिति की रिपोर्ट तैयार हो रही है और उम्मीद है कि रोज़गार में बेहतर स्थिति आएगी. पूर्वोत्तर में स्थिति सामान्य हो रही है. उल्फ़ा के साथ बातचीत हो रही है. उल्फ़ा ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है, जो स्वागतयोग्य है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी सजग है. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार महंगाई पर काबू पाने में सफल रहेगी और मुद्रा स्फ़ीति 7 तक पहुँचेगी.

हमने मौद्रिक नीति को कड़ा किया है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कई चीज़ों पर हमारा नियंत्रण नहीं.

ये सच है कि पिछले महीनों में महंगाई बढ़ी है, लेकिन हम चाहते हैं इससे निपटने में विकास दर पर असर न पड़े. भारत अंतरराष्ट्रीय मंदी से अच्छी तरह से उबरा है. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी है और विकास दर 8.5 फ़ीसदी है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ऐसी छवि जा रही है कि भारत में भ्रष्टाचार वाली सरकार है. मनमोहन सिंह ने सबसे पहले 2-जी स्पैक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल, देवास, आदर्श सोसाइटी मामले का ज़िक्र किया और कहा कि मीडिया में इन सब मामलों पर ख़बरें छाई हुई हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सबसे पहले देश के सभी नागरिकों को ईद की मुबारकबाद दी.

टीवी पत्रकारों से सवाल-जवाब का दौर हुआ शुरू.

कुछ ही देर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और टीवी संपादकों के बीच सवाल-जवाब का दौर शुरू होने वाला है.

2-जी स्पैक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को इस्तीफ़ा देना पड़ा था और अब वे सीबीआई की हिरासत में हैं. पिछले सत्र में जेपीसी की मांग को लेकर संसद की कार्यवाही काफ़ी प्रभावित हुई थी.

इसी महीने संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है और सबकी नज़रें इस बात पर है कि संयुक्त संसदीय समिति की विपक्ष की मांग पर केंद्र सरकार क्या रुख़ अपनाती है.

बजट सत्र से पहले मनमोहन सिंह की मीडिया से ये बातचीत काफ़ी अहम मानी जा रही है.

इनमें प्रमुख है 2-जी स्पैक्ट्रम घोटाला, आदर्श ज़मीन घोटाला और राष्ट्रमंडल खेल घोटाला.

कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे हैं.

बीबीसी हिंदी आपको प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संपादकों के बीच होने वाले सवाल-जवाब के  पल-पल की ख़बर आप तक पहुँचाएगी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज सुबह  कुछ संपादकों से मिलेंगे.

 

 

 

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