तेलंगाना में बंद, संसद में हंगामा

  • 23 फरवरी 2011
तेलंगाना के समर्थन में बंद (फ़ाइल) इमेज कॉपीरइट AFP

आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगान राज्य की मांग के पक्ष में 48 घंटों के बंद के दूसरे दिन भी जीवन बुरी तरह से प्रभावित है. उधर संसद में तेलंगाना की माँग पर सांसदों ने ख़ासा हंगामा किया है और लोकसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित हो चुकी है.

आंध्र प्रदेश की तेलंगाना राष्ट्रीय समिति, कई श्रमिक संगठनों और ग़ैर-सरकारी संस्थाओं ने इस बंद का आहवान किया है.

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी, तेलुगू देसम पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने बंद का समर्थन किया है.

बुधवार को जैसे ही लोकसभा की कार्रवाई शुरु हुई वैसे ही तेलंगाना के समर्थन में सांसदों ने शोर किया और माँग की कि केंद्र सरकार अलग तेलंगाना राज्य के पक्ष में विधेयक प्रस्तुत करे.

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "अभी भी तेलंगाना में धधक रही आग बुझाई जा सकती है. यदि प्रधानमंत्री आश्वासन दें कि अलग तेलंगाना राज्य बनाने के लिए इस सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा तो हम भरोसा दिलाते हैं कि हम उसके समर्थन में वोट करेंगे. हम उस बिल को पारित कराएँगे."

आंध्र से आने वाले कांग्रेस के कुछ सांसदों ने भी तेलंगाना के पक्ष में नारे लगाए. इनमें एम जगन्नाथ, मधु गौड, एस सत्यनारायणा शामिल थे.

दोपहर में जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरु हुई तब फिर भाजपा की सुषमा स्वराज ने ये मुद्दा उठाया और कहा कि 4.5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर हैं और राज्य में प्रशासन ठप्प पड़ा है.

ग़ौरतलब है कि इस बंद में तेलंगाना क्षेत्र के दस ज़िलों में लगभग सभी सरकारी कर्मचारी, डॉक्टर, वकील और छात्र शामिल हैं.

राज्य परिवहन निगम के सभी कर्मचारियों के इस हड़ताल में शामिल होने के कारण सार्वजनिक यातायात व्यवस्था ठप हो गई है और कोई बस किसी डिपो से बाहर नहीं आ सकी है.

हैदराबाद में पुलिस और अर्धसैनिक बल 'अलर्ट' पर हैं.

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